भोपाल/नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया रविवार को भोपाल में पूरी हो गई। हालांकि, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिपोर्ट तैयार होने में कुछ समय लगेगा।
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को ससुराल वालों के मकान में त्विषा (33) का शव फंदे से लटका हुआ मिला था। उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। हालांकि, त्विषा के ससुराल वालों ने दावा किया है कि उसे नशे की लत थी।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 22 मई के आदेश पर कार्रवाई करते हुए, एम्स दिल्ली ने दूसरे पोस्टमार्टम के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की चार सदस्यीय टीम का गठन किया था।
एम्स, दिल्ली के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, ‘‘रिपोर्ट तैयार होने में कुछ समय लगेगा क्योंकि इसके लिए हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा जांच समेत कुछ प्रयोगशाला परीक्षण किए जाने हैं।’’
उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने मामले से जुड़े आकलन के लिए त्विषा के घर और घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि टीम सोमवार को नमूने, तस्वीरें, वीडियो और लिखित निष्कर्ष लेकर दिल्ली लौटेगी।
चिकित्सकों की टीम शनिवार रात भोपाल पहुंची थी और रविवार सुबह करीब 10 बजे यहां स्थित एम्स पहुंची।
इससे पहले, त्विषा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंकुर पांडे ने बताया था कि दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया अपराह्न 3:40 बजे तक पूरी हो गई। उन्होंने कहा था कि त्विषा के भाई और उनकी पत्नी द्वारा शव की पहचान किए जाने के बाद दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू हुई।
परिवार ने चिकित्सकीय दल से अनुरोध किया था कि वह बहु-विषयक फॉरेंसिक, पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल दृष्टिकोण अपनाते हुए उन पहलुओं की स्वतंत्र जांच करे, जिन पर उनके अनुसार भोपाल में किए गए पहले पोस्टमार्टम में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
शनिवार को त्विषा के पिता ने उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति के साथ मेडिकल बोर्ड को एक विस्तृत अभ्यावेदन सौंपा था, जिसमें पहली पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए थे।
इनमें त्विषा के बाएं हाथ और अग्रभाग पर कथित चोटों, चोटों की गहराई और अवधि का पता लगाने के लिए विस्तृत परीक्षण नहीं किए जाने तथा गर्दन व सर्वाइकल संरचना की रेडियोलॉजिकल जांच नहीं होने जैसे मुद्दे शामिल थे।
परिवार ने कथित फंदे की सामग्री और गर्दन पर दर्ज चोटों के बीच संबंध की जांच करने तथा संरक्षित विसरा नमूनों की विषविज्ञान जांच कराने की भी मांग की।
अभ्यावेदन में यह भी अनुरोध किया गया था कि चेहरे, आंखों और फेफड़ों से जुड़े पहलू फांसी, गला घोंटने, दम घुटने या मृत्यु के किसी अन्य संभावित कारण से मेल खाते हैं या नहीं, इसकी जांच की जाए।
पुलिस ने त्विषा के पति व पेशे से वकील समर्थ सिंह, सास व पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है।
समर्थ सिंह को 10 दिन तक फरार रहने के बाद शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था। भोपाल की एक अदालत ने शनिवार को उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। वहीं, गिरिबाला सिंह को पहले ही भोपाल की अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
भाषा दिमो बृजेन्द्र जोहेब
जोहेब