एमबीबीएस इंटर्न का मासिक मानदेय कम से कम 30 हजार रुपये किया जाए : दिग्विजय सिंह
एमबीबीएस इंटर्न का मासिक मानदेय कम से कम 30 हजार रुपये किया जाए : दिग्विजय सिंह
भोपाल, 22 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर राज्य में एमबीबीएस इंटर्न को दिए जाने वाले मासिक मानदेय को मौजूदा 14,337 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 30,000 रुपये करने का आग्रह किया है।
सिंह से बुधवार को राज्य के एमबीबीएस इंटर्न के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
पूर्व मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राज्य के सरकारी और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में कुल 3,655 एमबीबीएस इंटर्न हैं, जिनमें से 2,055 राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत हैं। सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न को देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम मानदेय दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की वार्षिक ट्यूशन फीस लगभग एक लाख रुपये है, जबकि इंटर्न को केवल 14,337 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है।
सिंह ने कहा कि इसके विपरीत तमिलनाडु, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में अपेक्षाकृत कम शुल्क होने के बावजूद इंटर्न को इससे कहीं अधिक मानदेय दिया जाता है।
उन्होंने उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एमबीबीएस की फीस के मामले में मध्यप्रदेश देश में पांचवें स्थान पर है, जबकि इंटर्न को दिए जाने वाले मानदेय के मामले में राज्य का स्थान लगभग 25वां है।
सिंह ने पत्र में कहा, ‘‘यह स्थिति चिकित्सा शिक्षा और छात्रों के प्रति राज्य सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाती है।’’
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि एमबीबीएस इंटर्न के मासिक मानदेय के मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए इसे कम से कम 30,000 रुपये किया जाए।
भाषा दिमो धीरज
धीरज

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