कान्हा, बालाघाट में दो बाघ मृत मिले; मप्र में जनवरी से अब तक 23 मौतें
कान्हा, बालाघाट में दो बाघ मृत मिले; मप्र में जनवरी से अब तक 23 मौतें
भोपाल, 25 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के कान्हा बाघ अभयारण्य में एक शावक और बालाघाट जिले में एक वयस्क बाघ मृत पाया गया है, जिससे इस वर्ष जनवरी से अब तक राज्य में बाघों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
देश में सर्वाधिक बाघों वाले मध्यप्रदेश में वर्ष 2022 की गणना के अनुसार 785 बाघ थे। राज्य में दो अप्रैल से अब तक नौ बाघों की मौत हो चुकी है।
कान्हा बाघ अभयारण्य के कोर क्षेत्र के सरगी इलाके में बृहस्पतिवार शाम करीब एक से डेढ़ वर्ष आयु का शावक मृत पाया गया।
अभयारण्य की उपनिदेशक अमिता बी ने कहा, ‘‘शावक का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया गया है और मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार है।’’
अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर प्रतीत होता है कि शावक को उसकी मां से पर्याप्त आहार नहीं मिला, जिससे संभवत: भूख के कारण उसकी मौत हुई होगी।
उन्होंने बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि शेष दो पर निगरानी रखी जा रही है।
इस बीच, बालाघाट के उत्तर वन मंडल में बुधवार रात एक वयस्क बाघ मृत पाया गया।
आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में 21 अप्रैल तक 21 बाघों की मौत दर्ज की गई थी। वर्ष 2026 में बाघ की पहली मौत सात जनवरी को दर्ज की गई थी।
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने राज्य में बाघों की बढ़ती मौतों पर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘मध्यप्रदेश बाघों की मौत, खासकर अप्राकृतिक मौतों में पहले स्थान पर है जो चिंता का विषय है।’’
दुबे ने आरोप लगाया कि निगरानी और गश्त की कमी ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए हाल में पन्ना बाघ अभयारण्य में सामने आए उस मामले का हवाला दिया, जहां क्षत-विक्षत हालत में बाघ मृत मिला था।
भाषा सं दिमो खारी
खारी

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