Samrat Vikramaditya Varanasi : उज्जैन और वाराणसी का सांस्कृतिक संगम! सीएम यादव लेकर आएंगे बाबा विश्वनाथ के लिए खास उपहार, तीन दिनों तक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर होगा मंचन

वाराणसी में 3-5 अप्रैल को सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और न्यायप्रिय शासन पर आधारित भव्य मंचन आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और बाबा विश्वनाथ को 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' अर्पित करेंगे।

Samrat Vikramaditya Varanasi : उज्जैन और वाराणसी का सांस्कृतिक संगम! सीएम यादव लेकर आएंगे बाबा विश्वनाथ के लिए खास उपहार, तीन दिनों तक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर होगा मंचन

Samrat Vikramaditya Varanasi / Image Source : X

Modified Date: April 1, 2026 / 11:32 pm IST
Published Date: April 1, 2026 11:32 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 3-5 अप्रैल को वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य पर भव्य नाटक।
  • 4,000 से अधिक कलाकार और आधुनिक लाइट-साउंड सिस्टम का उपयोग।
  • बाबा विश्वनाथ को मुख्यमंत्री द्वारा अर्पित की जाएगी 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी'।

उज्जैन : Samrat Vikramaditya Varanasi धर्मनगरी काशी और उज्जैन के बीच सांस्कृतिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और उनके न्यायप्रिय शासन पर आधारित एक भव्य ऐतिहासिक मंचन का आयोजन किया जाएगा। इस गौरवशाली अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन न केवल भारतीय शौर्य के प्रतीक सम्राट विक्रमादित्य को नमन है, बल्कि वर्ष 2028 में उज्जैन की पावन धरा पर होने वाले ‘भव्य-दिव्य’ आयोजन की पूर्व तैयारी का भी एक सशक्त हिस्सा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ करेंगे अर्पित

वाराणसी में होने वाला यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महोत्सव कई मायनों में अनूठा और तकनीकी रूप से उन्नत होगा। CM Mohan Yadav Kashi Visit मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बाबा विश्वनाथ को ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ अर्पित की जाएगी। यह घड़ी भारतीय वैज्ञानिक काल-गणना और हमारी प्राचीन समृद्ध परंपरा का जीवंत प्रतीक है। मात्र 45 मिनट के इस विशेष नाटक में 175 से अधिक कलाकार अपनी सहभागिता देंगे।

4 हजार से ज्यादा कलाकार लेंगे भाग

इस मंचन में आधुनिक लाइट-साउंड सिस्टम और लाइव विजुअल इफेक्ट्स का उपयोग कर सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य को पर्दे पर उतारा जाएगा। नाटक के माध्यम से महाकवि कालिदास और खगोलशास्त्री वराहमिहिर जैसे नवरत्नों के योगदान की झलक भी देखने को मिलेगी, जो उस दौर के बौद्धिक उत्कर्ष को दर्शाएगी। वर्ष 2007 से शुरू हुई यह नाट्य यात्रा अब एक वैश्विक मंच बन चुकी है। इस पूरे अभियान के तहत 41 से अधिक सांस्कृतिक गतिविधियों में 4 हजार से ज्यादा कलाकार भाग ले रहे हैं, जो विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ भारतीय ज्ञान और संस्कृति के विजय का संदेश दे रहे हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..