Reported By: Omprakash Gupta
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Atithi Shikshak News: उमरिया: मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले जिले भर के अतिथि शिक्षकों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर जोरदार आंदोलन किया। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने एक विशाल रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर परिसर के सामने पहुंची। रैली के दौरान शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
कलेक्टर परिसर पहुंचने के बाद अतिथि शिक्षकों ने महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं और नियमित रूप से विद्यालयों में अध्यापन कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो 12 माह का कार्यकाल दिया जाता है और न ही उनकी सेवा अवधि को लेकर कोई स्पष्ट नीति बनाई गई है।
Atithi Shikshak News: अतिथि शिक्षकों ने बताया कि हर सत्र के अंत में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित बना रहता है। आंदोलन कर रहे शिक्षकों की प्रमुख मांगों में 62 वर्ष तक सेवा की पात्रता, शासकीय शिक्षकों की तरह 13 कैजुअल अवकाश, गुरुजी प्रणाली की तर्ज पर परीक्षा लेकर नियमितीकरण तथा यह स्पष्ट करना शामिल है कि सरकार उन्हें नियमित, संविदा या आउटसोर्स किस कैडर में मानती है।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि सरकार एक ओर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस प्रदर्शन से जिले में शिक्षा व्यवस्था और अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।