त्विषा मामल में ‘‘हमने जांच में नियम-कायदों और प्रक्रियाओं का पालन किया’’ : पुलिस महानिदेशक

त्विषा मामल में ‘‘हमने जांच में नियम-कायदों और प्रक्रियाओं का पालन किया’’ : पुलिस महानिदेशक

त्विषा मामल में ‘‘हमने जांच में नियम-कायदों और प्रक्रियाओं का पालन किया’’ : पुलिस महानिदेशक
Modified Date: May 26, 2026 / 12:15 pm IST
Published Date: May 26, 2026 12:15 pm IST

इंदौर, 26 मई (भाषा) पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की कथित दहेज मृत्यु की जांच की कमान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के हाथों में जाने के बीच मध्यप्रदेश पुलिस प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि राज्य पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान स्थापित नियम-कायदों और प्रक्रियाओं का पालन किया है।

मामले में राज्य पुलिस की जांच को लेकर सवाल खड़े होने के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘‘राज्य पुलिस ने स्थापित नियम-कायदों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इस मामले में कार्रवाई की है। चूंकि (त्विषा के) परिजनों ने मांग की थी, इसलिए हमने खुद अनुशंसा करके मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है।’’

सीबीआई ने त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई ने प्रक्रिया के अनुसार राज्य पुलिस की प्राथमिकी को पुनः दर्ज किया जिसमें त्विषा के अधिवक्ता पति समर्थ सिंह और उनकी सास एवं पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया था।

त्विषा (33) का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। उनके परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है, जबकि त्विषा के ससुराल वालों ने दावा किया है कि उसे मादक पदार्थों के सेवन की लत थी।

डीजीपी मकवाना ने कहा कि राज्य पुलिस के विशेष प्रयासों के कारण मध्यप्रदेश 11 दिसंबर 2025 को नक्सल समस्या से मुक्त हो चुका है, हालांकि नक्सल प्रभावित रहे जंगली इलाकों में पुलिस की मौजूदगी और अभियान बरकरार हैं ताकि आइंदा ऐसे तत्व वहां पनप न पाएं।

उन्होंने राज्य पुलिस बल में कमी को ‘महत्वपूर्ण चुनौती’ करार दिया और कहा कि उज्जैन में 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ मेले के मद्देनजर खाली पदों पर भर्ती बेहद जरूरी है।

प्रदेश पुलिस प्रमुख ने कहा,‘‘पिछले साल हमने पुलिस के 8,500 पदों पर भर्ती की थी और इस साल राज्य सरकार से 10,500 पदों पर भर्ती की अनुमति मांगी है। मुझे आशा है कि शीघ्र ही यह अनुमति प्राप्त होगी। इसके बाद पुलिस बल की कमी की काफी हद तक पूर्ति हो जाएगी।’’

मीडिया के साथ बातचीत से पहले, मकवाना ने इंदौर के रुस्तमजी सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (आरएपीटीसी) में नव आरक्षकों की दीक्षांत परेड में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस मौके पर 617 नव आरक्षक अपना प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परेड में शामिल हुए जिन्हें राज्य के अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

भाषा हर्ष मनीषा रंजन

रंजन


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