महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव के दौरान बच्चे समेत दो लोगों की मौत, पुणे-मुंबई में 212 ‘गोविंदा’ घायल

महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव के दौरान बच्चे समेत दो लोगों की मौत, पुणे-मुंबई में 212 ‘गोविंदा’ घायल

महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव के दौरान बच्चे समेत दो लोगों की मौत, पुणे-मुंबई में 212 ‘गोविंदा’ घायल
Modified Date: September 6, 2026 / 01:12 am IST
Published Date: September 6, 2026 1:12 am IST

मुंबई, पांच सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। मुंबई में ईंटों का ढांचा गिरने से सात साल के एक लड़के की मौत हो गई, जबकि पुणे में लोहे के एक ढांचे के नीचे दबकर एक महिला की जान चली गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उत्सव के दौरान कम से कम 212 ‘गोविंदा’ घायल हो गए। मुंबई में 168 ‘गोविंदा’ जबकि ठाणे जिले में भी 44 लोग घायल हुए हैं।

मुंबई के मालवणी इलाके में चिकूवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसाइटी में दोपहर करीब तीन बजे एक लड़के की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब बच्चों का एक समूह अपने आप दही हांडी उत्सव मना रहा था।

पुलिस ने बताया कि पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ उपनगर के ‘ओल्ड सांगवी’ इलाके की रहने वाली सलमा सलाउद्दीन पठान की मौत शुक्रवार रात दही-हंडी कार्यक्रम के लिए लाउडस्पीकरों को सहारा देने के लिए बनाये गये लोहे के एक अस्थायी ढांचे के गिरने से हो गयी।

अधिकारी ने बताया कि यह घटना शुक्रवार देर रात उस समय हुई, जब ‘विघ्नहर्ता मंडल’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम के समापन के बाद कर्मचारी लोहे का ढांचा हटा रहे थे।

उन्होंने बताया कि सलमा सलाउद्दीन पठान नामक महिला पर एक भारी हिस्सा गिरा, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताया कि पठान का बेटा आयोजन करने वाले मंडल से जुड़ा था और उसके परिवार वालों ने आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया और पुलिस से अपील की कि वह स्वत: संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज न करे।

एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ढांचे के गिरने की जांच कर रही है।

पुणे में त्योहारों के दौरान तेज ध्वनि में संगीत बजाने के खिलाफ स्थानीय कार्यकर्ता विद्यानंद बापट ने मुहिम छेड़ी है। इसी बीच पठान की मौत हुई है।

भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले जन्माष्टमी त्योहार का एक हिस्सा ‘दही-हांडी’ है, जिसमें लोग पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं। मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में यह त्योहार पारंपरिक जोश और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

जश्न के हिस्से के तौर पर, ‘गोविंदा’ हवा में लटकी ‘दही हांडी’ को तोड़ने के लिए कई मंजिलों वाली इंसानी पिरामिड बनाते हैं।

मुंबई और आसपास के इलाकों में नेताओं द्वारा आयोजित दही-हंडी कार्यक्रम पिछले कुछ सालों में बड़े आकर्षण का केंद्र बन गए हैं, जिनमें भारी इनाम, मशहूर हस्तियों की मौजूदगी और मनोरंजन के कार्यक्रम शामिल होते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि त्योहार के मद्देनजर पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया है।

बीएमसी ने कहा है कि उसने घायल ‘गोविंदाओं’ के इलाज के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

नगर निकाय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा था कि शहर के उपनगरों में बीएमसी के 16 अस्पतालों के साथ-साथ सायन में लोकमान्य तिलक महानगरपालिका सामान्य अस्पताल, परेल में केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल में नायर अस्पताल में इलाज के लिए 100 से अधिक बिस्तर आरक्षित किए गए हैं।

भाषा शफीक रंजन

रंजन


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