मुंबई, दो मार्च (भाषा) वर्ष 2023 में चलती ट्रेन में अपने वरिष्ठ अधिकारी और तीन यात्रियों की हत्या कर देने के आरोपी पूर्व आरपीएफ आरक्षी चेतनसिंह चौधरी ने सोमवार को ‘मानसिक बीमारी के लक्षण’ का हवाला देते हुए एक स्थानीय अदालत से जमानत देने का अनुरोध किया।
अपने वकील के माध्यम से, चौधरी ने उसका मानसिक मूल्यांकन करने में विफल रहने के लिए रेलवे अधिकारियों को दोषी ठहराया। चौधरी ने तर्क दिया कि एक उचित मूल्यांकन से उसकी तैनाती और घातक गोलीबारी को रोका जा सकता था।
आरोपी ने कथित तौर पर 31 जुलाई, 2023 को महाराष्ट्र के पालघर रेलवे स्टेशन के पास जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अपने वरिष्ठ सहयोगी और सहायक उपनिरीक्षक टीकाराम मीणा एवं तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद आरोपी को रेलवे ट्रैक के पास से गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है।
ठाणे जेल में बंद आरोपी ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए जमानत मांगी है।
पूर्व आरपीएफ जवान के वकील पंकज घिल्डियाल ने जमानत के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (दिंडोशी कोर्ट) प्रवीण चतुर के समक्ष अपनी दलीलें पेश कीं।
घिल्डियाल ने कहा कि जांच अधिकारी ने आरोपपत्र में आरोपी के किसी को जान से मारने के इरादे का जिक्र नहीं किया है, इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) लागू नहीं होती।
उन्होंने कहा कि यह गैर इरादतन हत्या का मामला है, न कि हत्या का।
मामले की अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
भाषा
राजकुमार माधव
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