मुंबई, 20 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को नयी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘भारत-विरोधी’ करार दिया।
ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब दुनिया शांतिपूर्ण विरोध मार्च के खिलाफ सरकार की ‘पुलिस बर्बरता’ की तस्वीरें देखेगी, तो उसे एहसास होगा कि भारत अब लोकतंत्र नहीं रहा, बल्कि शासन करने वाली एक सरकार के कब्जे में है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब एक दमनकारी सरकार बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे युवा भारतीयों पर बंदूकें तानती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि वह सरकार भारत-विरोधी है।’’
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने कहा कि जब दुनिया देखेगी कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की ‘व्यवस्थागत विफलताओं’ को स्वीकार करने से इनकार कर रही है और युवाओं से बातचीत करने के लिए किसी मंत्री को आगे करने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है, तो उसे महसूस होगा कि सरकार तानाशाही में बदल गई है।
ठाकरे ने कहा कि विडंबना यह है कि एक दशक से अधिक समय पहले जब भाजपा ने समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ मिलकर आंदोलन किया था, तब कांग्रेस सरकार ने बातचीत के लिए वरिष्ठ मंत्रियों को भेजा था।
उन्होंने कहा कि उस समय सरकार इतनी ‘क्रूर’ और ‘प्रतिशोधी’ नहीं थी।
शिवसेना (उबाठा) नेता ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि इसकी संभावना बहुत कम है, लेकिन क्या सत्तारूढ़ व्यवस्था में किसी की शिक्षा में कोई रुचि नहीं है? क्या उनके दोस्त या परिवार का कोई सदस्य इस जर्जर व्यवस्था से प्रभावित नहीं है?’’
ठाकरे ने कहा, ‘‘व्यवस्था बदलिए और अपने विभाग का प्रबंधन करने में विफल रहे मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बदलिए। यही मांग सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और हम सभी युवा भारतीय कर रहे हैं।’’
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