मराठी प्रमाणपत्र न होने पर 15 अगस्त के बाद ऑटो, टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी: परिवहन विभाग
मराठी प्रमाणपत्र न होने पर 15 अगस्त के बाद ऑटो, टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी: परिवहन विभाग
मुंबई, 19 जून (भाषा) महाराष्ट्र में गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को 15 अगस्त तक मराठी भाषा दक्षता प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा और ऐसा नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य के परिवहन विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विभाग ने सभी गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए एक जून से 15 अगस्त 2026 के बीच चार घंटे का ‘मराठी भाषा संवाद पाठ्यक्रम’ पूरा करना अनिवार्य कर दिया है।
इस पाठ्यक्रम को निःशुल्क संचालित करने के लिए महाराष्ट्र राज्य मराठी भाषा विभाग, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ को अधिकृत संस्थाओं के रूप में नामित किया गया है।
परिवहन विभाग केवल इन्हीं संस्थाओं द्वारा जारी किए गए प्रमाणपत्रों को मान्यता देगा।
परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त रवि गायकवाड़ ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र में 71 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं और कोंकण मराठी साहित्य परिषद से जुड़े करीब 4,500 शिक्षकों को इस अभियान से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारी भी चालकों को पाठ्यक्रम में नामांकन और उसे पूरा करने में सहायता प्रदान कर रहे हैं।
विभाग ने एक बयान में बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करना, सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना और चालकों के लिए पेशेवर अवसरों को बढ़ाना है।
विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा, “15 अगस्त 2026 के बाद जिन गैर-मराठी चालकों के पास यह प्रमाणपत्र नहीं होगा, उनके खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
रवि गायकवाड़ ने बताया कि सरकार का उद्देश्य चालकों को दंडित करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ उठाएं और आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त कर लें।
भाषा
भाषा जितेंद्र अविनाश
अविनाश

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