सभी सांसद दृढ़ता से पार्टी के साथ हैं : शिवसेना (उबाठा)

सभी सांसद दृढ़ता से पार्टी के साथ हैं : शिवसेना (उबाठा)

सभी सांसद दृढ़ता से पार्टी के साथ हैं : शिवसेना (उबाठा)
Modified Date: June 15, 2026 / 10:52 pm IST
Published Date: June 15, 2026 10:52 pm IST

पुणे, 15 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) की बैठक में कुल नौ में से पांच लोकसभा सदस्यों के अनुपस्थित रहने के एक दिन बाद सोमवार को पार्टी के नेताओं आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने कहा कि वे सभी पार्टी के साथ हैं।

दोनों ने अलग-अलग बातचीत के दौरान पार्टी सांसदों को तोड़ने के लिए ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू होने के कयासों को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना का प्रतीक चिह्न एक बाघ था, जिसे पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने खुद बनाया था।

आदित्य ने पुणे में पत्रकारों से कहा, “अफवाहों पर विश्वास मत कीजिए। मैं और उद्धव ठाकरे यह आश्वस्त करते हैं कि जो लोग हमारे साथ हैं, उन पर हम पूरा भरोसा करते हैं। कुछ लोग ‘अंधभक्त’ होते हैं, जबकि हम ऐसे लोग हैं जो ‘अंधा विश्वास’ (आंख बंद कर भरोसा) में यकीन रखते हैं।”

इससे पहले मुंबई में राउत ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए “ऑपरेशन वुल्फ” शुरू करेगी।

उन्होंने यह बात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के गुट की ओर इशारा करते हुए कही।

शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई में पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी। हालांकि, बैठक में कुल नौ में से केवल चार लोकसभा सदस्यों अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने शिरकत की।

अन्य सांसदों के बारे में राउत ने रविवार को कहा था कि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाउसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शिरकत की, जबकि संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की।

राउत ने सोमवार को कहा कि जाधव अगले दो दिन में मुंबई आकर ठाकरे से मुलाकात करेंगे।

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, “जब शिवसेना विभाजित हुई, तब वे लोग पार्टी छोड़कर चले गए जिनकी निष्ठा पर संदेह नहीं किया जा सकता था। हमें अपने सांसदों पर पूरा भरोसा है और यह भरोसा आगे भी कायम रहेगा। ये सभी सांसद शिवसेना (उबाठा) के साथ हैं।”

“ऑपरेशन टाइगर” के कयासों पर राउत ने सवाल किया कि क्या जाग रहे बाघ को हाथ लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “बाघ को पहले बेहोश करना पड़ता है। उसके बाद उसके पैरों को बांधना होता है। हमारे मामले में यह संभव नहीं है। बाघ खुलेआम घूम रहे हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि रविवार की बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद 19 जून को अविभाजित शिवसेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे या नहीं, तो राउत ने कहा कि “शिवसेना परिवार के इस आयोजन के लिए किसी को निमंत्रण की आवश्यकता नहीं है”।

भाषा जोहेब प्रशांत

प्रशांत


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