अमरावती, 20 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश विधान परिषद के सभापति कोय्ये मोशन राजू ने शुक्रवार को सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया। वाईएसआरसीपी सदस्यों द्वारा कथित तौर पर श्री वेंकटेश्वर स्वामी की तस्वीरें प्रदर्शित किये जाने को लेकर विपक्षी सदस्यों और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद सभापति को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगति करनी पड़ी।
कुम्बा रवि बाबू, डी. माधव राव और एस. मंगम्मा की ओर से तिरुपति लड्डू प्रसादम और इंदापुर डेयरी के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने के अनुरोध को सभापति द्वारा खारिज किए जाने के बाद हंगामा शुरू हुआ।
यह इंदापुर डेयरी कथित रूप से मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी ‘हेरिटेज फूड्स’ से जुड़ी बताई गई है, जो तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को घी की आपूर्ति करती है।
विपक्षी विधायकों के विरोध प्रदर्शन के बीच राजू ने कहा, ‘अनुरोध को खारिज किये जाने के बाद चर्चा की मांग करना उचित नहीं है।’
इस बीच, राज्य के वित्त मंत्री पी. केशव ने देवता की प्रतिमाओं के कथित प्रदर्शन को आपत्तिजनक बताया और कहा कि इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।
केशव ने पूछा, “सभापति महोदय, वेंकटेश्वर स्वामी की तस्वीरों के साथ वे जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, क्या उनमें कोई गरिमा बची है? क्या वे (भगवान को) राजनीति में घसीटेंगे?”
इस कदम को भड़काऊ बताते हुए उन्होंने राजू से जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया और कहा, “ऐसा देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ। ये (वाईएसआरसीपी के एमएलसी) न तो भगवान में आस्था रखते हैं, न भगवान का सम्मान करते हैं, न ही भगवान से डरते हैं। ये बस अपने नेता (जगन) के इशारों पर चल रहे हैं।”
बृहस्पतिवार को वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि नायडू परिषद में इंदापुर डेयरी पर चर्चा का विरोध कर रहे हैं।
रेड्डी के अनुसार, हेरिटेज द्वारा इंदापुर डेयरी को आधिकारिक तौर पर 10 फरवरी, 2026 तक अपनी विनिर्माण इकाई के रूप में नामित किया गया था और बाद में हेरिटेज के साथ कथित संबंध और टीटीडी को घी की आपूर्ति को लेकर हुए विवाद के बाद 15 फरवरी को इसे सह-विनिर्माण स्थल के रूप में पुनः नामित किया गया।
विपक्ष के नेता ने नायडू पर आरोप लगाया कि उन्होंने इंदापुर डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स लिमिटेड को टीटीडी की निविदाओं में भाग लेने और घी की आपूर्ति के लिए अर्हता प्राप्त करने में सक्षम बनाया।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में पिछली टीडीपी सरकार के दौरान टीटीडी को 278 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से घी की आपूर्ति करने वाली इस कंपनी ने वर्तमान सरकार के तहत 16 दिसंबर, 2025 को टीटीडी को 658 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से घी की आपूर्ति करने का टेंडर हासिल कर लिया।
नायडू ने 13 फरवरी को वाईएसआरसीपी नेताओं द्वारा कथित तौर पर हेरिटेज को तिरुपति लड्डू में मिलावट के विवाद से जोड़ने पर नाराजगी व्यक्त की।
हेरिटेज फूड्स को एक पारिवारिक व्यवसाय बताते हुए, जिसे पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से ‘आजीविका’ के लिए चलाया जा रहा है, नायडू ने वाईएसआरसीपी नेताओं पर इसके ब्रांड को नुकसान पहुंचाकर घाटा कराने का आरोप लगाया।
भाषा तान्या संतोष
संतोष