चंद्रबाबू नायडू ने बिल गेट्स को आंध्र प्रदेश सरकार की कई पहल से अवगत कराया

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चंद्रबाबू नायडू ने बिल गेट्स को आंध्र प्रदेश सरकार की कई पहल से अवगत कराया

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 03:44 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 03:44 PM IST

(तस्वीरों सहित)

अमरावती, 16 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने व्हाट्सऐप के जरिये सरकारी सेवाओं तक लोगों को पहुंच प्रदान करने, संजीवनी परियोजना और राजधानी अमरावती से जुड़ी विकास परियोजनाओं सहित राज्य सरकार की कई पहल से माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स को सोमवार को अवगत कराया।

राज्य सचिवालय में ‘रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम’ (आरटीजीएस) पर प्रस्तुति के दौरान मुख्यमंत्री ने गेट्स को बताया कि राज्य ने ‘डेटा लेक’ के माध्यम से सभी विभागों को एकीकृत किया है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष बिल गेट्स ने मुख्यमंत्री नायडू के साथ सचिवालय में आरटीजीएस का दौरा किया। गेट्स ने शासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग को देखा। नायडू ने उन्हें बताया कि कैसे नागरिक सेवाएं तेजी से प्रदान की जा रही हैं और ‘रियल टाइम गवर्नेंस’ के जरिये क्या परिणाम हासिल हुए हैं।’’

नायडू ने बताया कि सरकार ‘अवेयर 2.0’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से वास्तविक समय में जानकारी एकत्रित कर त्वरित निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार यह जानने के लिए जनता की राय लेती है कि वह जिन कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू कर रही है, वे कितनी प्रभावी हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का अनुमान नियमित रूप से मुख्य प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर लगाया जाता है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि भूमि अभिलेखों की सुरक्षा के बारे में गेट्स द्वारा पूछे जाने पर नायडू ने बताया कि संगठित डिजिटल अभिलेख प्रणाली के साथ-साथ पारदर्शिता के लिए क्यूआर कोड का उपयोग किया जा रहा है।

विज्ञप्ति के अनुसार गेट्स ने कहा कि ‘‘कर संग्रह का तरीका बहुत अच्छा है’’, जिस पर नायडू ने बताया कि जीएसटी के माध्यम से पूरे देश में कर संग्रह में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है।

इसके अलावा, गेट्स को चित्तूर जिले के कुप्पम में गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर संचालित किये जा रहे स्वास्थ्य अभिलेख डिजिटलीकरण कार्यक्रम ‘संजीवनी’ के बारे में भी जानकारी दी गई।

विज्ञप्ति में कहा गया कि इसी तरह, उन्होंने देखा कि रक्त शर्करा, मधुमेह और अन्य चिकित्सा परीक्षणों जैसे मापदंडों को कैसे दर्ज किया जा रहा है, और उन्होंने संजीवनी परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन की सराहना की।

नायडू ने कृत्रिम मेधा (एआई) के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और ‘बायो-डिजाइन’ के माध्यम से सेवाओं के वितरण के बारे में भी जानकारी दी।

गेट्स ने कहा कि सस्ती मेडिकल जांच गरीबों के लिए लाभकारी होगी।

इसके अलावा, नायडू ने गेट्स को ग्रीनफील्ड राजधानी अमरावती से जुड़ी विकास परियोजनाओं से अवगत कराया।

बाद में नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी को मानवता की सेवा करनी चाहिए। हमारा ‘रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम’ आंध्र प्रदेश में लोगों के जीवन को बदल रहा है। यह शासन में तेजी लाता है और कारोबार को सुगम बनाता है। 1990 के दशक में बिल गेट्स से हुई मेरी मुलाकात के लिए मैं उनका आभारी हूं, जिसने इस तकनीक-आधारित नागरिक सशक्तीकरण की प्रेरणा दी…।’’

इससे पहले, गेट्स यहां राज्य सचिवालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री नायडू ने उनका स्वागत किया। विज्ञप्ति के अनुसार, बाद में मुख्यमंत्री ने अपनी मंत्रिपरिषद के सदस्यों से उन्हें मिलवाया। इसके बाद, गेट्स ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।

भाषा

खारी सुभाष

सुभाष