(Shatak Movie Reviews/ Image Credit: instagram)
Shatak Movie Reviews फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ 1 घंटे 52 मिनट में RSS के पूरे 100 सालों की कहानी प्रस्तुत करती है। यह फिल्म महात्मा गांधी की हत्या, संघ की आजादी में भूमिका, संघ प्रमुखों और महात्मा गांधी के रिश्ते, युद्ध के दौरान संघ की गतिविधियों जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शकों के सामने रखती है। फिल्म दावा करती है कि यह सब सच्ची घटनाओं पर आधारित है और संघ के इतिहास के कई पहलू पहली बार बड़े पर्दे पर दिखाए गए हैं।
फिल्म का पहला हाफ डॉक्टर केशव बालीराम हेडगेवार यानी डॉक्टर के बचपन और संघ की स्थापना पर फोकस करता है। दर्शकों को यह दिखाया गया है कि उन्होंने संघ क्यों और कैसे बनाया और इस दौरान उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। साथ ही फिल्म यह भी बताती है कि आजादी की लड़ाई के समय संघ देश के लिए क्या कर रहा था। इसके बाद गुरुजी एम. एस. गोवालिकर के योगदान को दिखाया गया है और यह समझाया गया है कि संघ ने राजनीतिक क्षेत्र में नहीं आने का निर्णय क्यों लिया और संगठन को मजबूत कैसे बनाया।
फिल्म का सेकेंड हाफ संघ के पूरे सफर को दर्शाता है। यह दिखाता है कि कैसे संगठन ने 100 सालों में अपनी जड़ें मजबूत की और समाज में अपनी भूमिका निभाई। फिल्म में वॉयस ओवर का इस्तेमाल कहानी को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। कुछ बातें दर्शकों के लिए नई हैं और जानकर हैरानी होती है। फिल्म ने बैलेंस बनाए रखा है, किसी को टारगेट नहीं किया गया और गांधी, नेहरू और इंदिरा जैसे नेताओं को समय-समय पर दिखाया गया, लेकिन निगेटिव रूप में नहीं।
फिल्म हाइब्रिड तकनीक के जरिए बनाई गई है, यानी AI और इंसानों दोनों का इस्तेमाल हुआ है। वीएफएक्स मुख्य रूप से युद्ध के सीन में नजर आता है, जबकि AI का इस्तेमाल कम ही दिखता है। मेकर्स ने 100 साल के इतिहास को छोटे समय में दर्शकों के सामने पेश किया है और लंबा होने के बावजूद यह फिल्म थकान नहीं देती। राइटिंग अनिल अग्रवाल, उत्सव डान, रोहित गहलोत और नितिन सावंत ने की है और डायरेक्शन आशीष मॉल का है। रिसर्च मजबूत और बैलेंस्ड है, जो फिल्म को और ज्यादा विश्वसनीय बनाता है।
फिल्म का म्यूजिक सनी इंदर और शांतनू शंकर ने दिया है, जो फिल्म के माहौल और फील के अनुरूप है। शंकर महादेवन, शान और सुरेश वाडेकर की आवाज ने गानों को प्रभावशाली बनाया है। कुल मिलाकर, यह फिल्म संघ के इतिहास को समझने के लिए जानकारीपूर्ण और मनोरंजक है। यदि आप संघ के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह फिल्म देखने लायक है।