मुंबई, एक अप्रैल (भाषा) विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जयंत पाटिल ने दावा किया है कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन महीनों से मानदेय का अपना हिस्सा जारी न करने के कारण महाराष्ट्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राकांपा (शप) की राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख ने मंगलवार रात एक बयान में कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बाल विकास, महिलाओं के स्वास्थ्य और कुपोषण से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी उन्हें अपना उचित हक पाने के लिए संघर्ष करने को मजबूर किया जा रहा है।
पाटिल के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति माह 13,000 रुपये मिलते हैं और सहायिकाओं को 7,500 रुपये का भुगतान किया जाता है जिसमें केंद्र सरकार का योगदान क्रमशः 4,500 रुपये और 3,500 रुपये है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार का यह हिस्सा पिछले तीन महीनों से वितरित नहीं किया गया है, जिससे राज्य भर में लगभग 1.5 लाख कार्यकर्ता प्रभावित हुए हैं।
नेता ने कहा, ‘काम और जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन मानदेय मिलना बंद हो गया है। यह अन्याय है।’
पाटिल ने सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र में तथाकथित दोहरे इंजन वाली सरकार का ‘मुख्य इंजन’ विफल हो गया है और उन्होंने इस स्थिति को प्रशासनिक अक्षमता का स्पष्ट उदाहरण बताया।
उन्होंने दावा किया कि जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित कई केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए राज्य को धनराशि जारी नहीं की गई है, जिसके कारण विकास कार्य ठप हो गए हैं।
भाषा तान्या सिम्मी
सिम्मी