ऑस्ट्रेलियाई पक्षी अंडमान द्वीप पर देखा गया; 7,400 किमी का सफर तय कर पहुंचा: विशेषज्ञ

ऑस्ट्रेलियाई पक्षी अंडमान द्वीप पर देखा गया; 7,400 किमी का सफर तय कर पहुंचा: विशेषज्ञ

ऑस्ट्रेलियाई पक्षी अंडमान द्वीप पर देखा गया; 7,400 किमी का सफर तय कर पहुंचा: विशेषज्ञ
Modified Date: April 7, 2026 / 02:54 pm IST
Published Date: April 7, 2026 2:54 pm IST

लातूर, सात अप्रैल (भाषा) दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के एक तटीय पक्षी को अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के सुदूर नारकोंडम द्वीप पर देखा गया, जो 7,400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पहुंचा है। एक विशेषज्ञ ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मुंबई स्थित ‘बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी’ के पूर्व सहायक निदेशक और पक्षी विज्ञानी डॉ. राजू कासंबे ने बताया कि अंडमान पुलिस के सहायक उप निरीक्षक जी. थिकन्ना ने जून 2025 में द्वीप पर तैनाती के दौरान सैंडरलिंग पक्षी की तस्वीर खींची थी। बाद में, यह पुष्टि हुई कि पक्षी ऑस्ट्रेलिया में अपने ‘टैगिंग’ स्थल से 7,472 किमी की दूरी तय कर नारकोंडम द्वीप पर पहुंचा है।

सैंडरलिंग एक छोटा तटीय जलपक्षी है, जो मुख्य रूप से समुद्र तटों पर पाया जाता है।

कासंबे ने बताया कि इस पक्षी को 13 अप्रैल 2025 को दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के ब्राउन बे में मॉरीन क्रिस्टी द्वारा ‘टैग’ किया गया था। यह वापसी की यात्रा पर दो महीने तीन दिन बाद अपने प्रजनन स्थलों की ओर लौटते हुए नारकोंडम द्वीप पर पहुंचा।

कासंबे ने बताया कि थिकन्ना ने तटरेखा के नियमित निरीक्षण के दौरान इस पक्षी को देखा। पक्षी का वजन 40 से 100 ग्राम के बीच है और उस पर ‘डीवाईएम’ कोड वाला एक लाल झंडा और एक पीला ‘टैग’ लगा हुआ था।

पोर्ट ब्लेयर से 140 समुद्री मील दूर स्थित नारकोंडम द्वीप अपनी अनूठी जैव विविधता के लिए जाना जाता है।

इस खोज से ‘पूर्वी एशियाई-ऑस्ट्रेलियाई फ्लाईवे’ (ईएएएफ) की महत्वपूर्ण भूमिका उजागर होती है। ईएएएफ प्रवासी पक्षियों का एक मार्ग है जो आर्कटिक से एशिया होते हुए ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक, 37 देशों में फैला हुआ है।

भाषा प्रचेता सुभाष

सुभाष


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