बैंक धोखाधड़ी मामला: सीबीआई अदालत ने आरकॉम के दो पूर्व अधिकारियों को जमानत देने से इनकार किया
बैंक धोखाधड़ी मामला: सीबीआई अदालत ने आरकॉम के दो पूर्व अधिकारियों को जमानत देने से इनकार किया
मुंबई, 10 जुलाई (भाषा) मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस कम्युनिकेशंस समूह (आरकॉम) के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को 1,900 करोड़ रुपये से अधिक के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि ‘अपराध का दायरा बहुत बड़ा है’ और आरोपियों को रिहा करने से जारी जांच पर गंभीर असर पड़ सकता है।
विशेष न्यायाधीश नितिन वी. जिवाने ने कंपनी के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष और संयुक्त अध्यक्ष विश्वनाथ देवराजा राव (67) तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल जमना कल्या (52) की जमानत याचिकाएं नौ जुलाई को खारिज कर दीं।
दो अलग-अलग आदेशों में अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर प्रथमदृष्टया यह सामने आया है कि अपराध में उनकी संलिप्तता रही है, क्योंकि आरोप है कि वे धन प्राप्त करने के लिए किए गए कई बैंक लेनदेन संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी थे।
अदालत ने कहा कि जांच का दायरा बहुत बड़ा है और अब भी जारी है। इसलिए सीबीआई द्वारा जताई गई यह आशंका कि आरोपी जांच को प्रभावित कर सकते हैं या अभियोजन पक्ष के सबूतों और गवाहों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, खारिज नहीं की जा सकती।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘अपराध का दायरा बहुत बड़ा है और कथित अपराध में जांच का क्षेत्र भी काफी व्यापक पाया गया है।’’
अदालत ने कहा, ‘‘जांच अभी जारी है और अन्य आरोपी व्यक्तियों को अभी गिरफ्तार कर उनकी जांच की जानी बाकी है। इसलिए जांच एजेंसी को अपराध की पूरी तरह जांच करने के लिए उचित अवसर दिया जाना आवश्यक है।’’
राव और कल्या दोनों को 20 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
भाषा शोभना देवेंद्र
देवेंद्र

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