सीएजी ने लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्रों को लेकर महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग को फटकार लगाई
सीएजी ने लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्रों को लेकर महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग को फटकार लगाई
मुंबई, 10 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में शुक्रवार को पेश की गई राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने शहरी विकास विभाग को सबसे कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि विभाग के 11,040 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाणपत्र लंबित हैं और बैंक खातों में मौजूद करीब 8,000 करोड़ रुपये का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
वित्त वर्ष 2024-25 की सीएजी रिपोर्ट में राज्य के कई मंत्रालयों की कमियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में कमजोर वित्तीय नियंत्रण, बिना मंजूरी के खर्च और सार्वजनिक कार्यों के लिए निर्धारित हजारों करोड़ रुपये के ‘अनुचित पुनर्विनियोजन’ पर प्रशासन की आलोचना की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, शहरी विकास विभाग के 11,040.06 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाणपत्र लंबित हैं, जो सभी विभागों में सबसे अधिक हैं, इसके अलावा आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) द्वारा संचालित बैंक खातों में मौजूद 7,970.24 करोड़ रुपये का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उपयोगिता प्रमाणपत्रों का लंबित रहना और बड़ी राशि का बिना इस्तेमाल बैंक खातों में पड़े रहना कमजोर वित्तीय नियंत्रण और सार्वजनिक धन की निगरानी में कमी को दर्शाता है।
भाषा जोहेब माधव
माधव

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