बेस्ट बस हड़ताल: दूसरे दिन भी परेशान रहे यात्री, नीट अभ्यर्थियों की मदद के लिए लगाई जाएंगी बसें

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बेस्ट बस हड़ताल: दूसरे दिन भी परेशान रहे यात्री, नीट अभ्यर्थियों की मदद के लिए लगाई जाएंगी बसें

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  • Publish Date - June 20, 2026 / 11:13 PM IST,
    Updated On - June 20, 2026 / 11:13 PM IST

मुंबई, 20 जून (भाषा) महाराष्ट्र के मुंबई में बस सेवा मुहैया कराने वाली बृह्नमुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शनिवार को दूसरे दिन भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रविवार को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) की पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए बेस्ट ने मुंबई भर में अतिरिक्त 60 बसों की व्यवस्था की है।

बेस्ट ने एक बयान जारी कर बताया कि ये बसें सुबह नौ बजे से अपराह्न एक बजे तक और शाम पांच बजे से सात बजे तक चलेंगी।

शनिवार को सड़कों पर बेस्ट की बसों के नहीं होने से विद्यार्थियों और कार्यालय जाने वालों समेत आम मुंबईकरों को शेयर टैक्सी या ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ा जबकि कुछ लोगों ने बाइक टैक्सी पर निर्भरता दिखाई।

बेस्ट ने बताया कि उसने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम से भी कहा है कि वह सेवा में रुकावट के दौरान 100 बसें उपलब्ध कराए।

बेस्ट ने कहा कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों और वेट-लीज कॉन्ट्रैक्टर को महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (मेस्मा) के तहत नोटिस भेजे गए हैं।

मेस्मा के तहत, हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

बेस्ट द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 246 निर्धारित बेस्ट-स्वामित्व वाली बसों में से कोई भी डिपो से बाहर नहीं निकली, जबकि 2,521 बसों के निर्धारित संचालन के मुकाबले केवल चार ‘वेट-लीज’ बसें (निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई) ही सड़कों पर चल रही थीं।

बेस्ट की बसों के न चलने के कारण, मुंबई के आम लोगों को यातायात के सस्ते साधनों के तौर पर साझा टैक्सी या ऑटो-रिक्शे का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया।

परेल के एमडी कॉलेज के एक छात्र ने बताया कि वह आम तौर पर रोज डोंगरी से बस से आता-जाता है लेकिन हड़ताल की वजह से उसे बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करना पड़ा, जो उसके रोज के सफर के खर्च से काफी ज्यादा महंगी थी।

छात्राओं के एक समूह ने बताया कि उन्हें परेल रेलवे स्टेशन से पैदल आना पड़ा क्योंकि सुबह की भीड़-भाड़ के समय कैब मिलना मुश्किल था।

कार्यालय जाने वाले कुछ लोगों ने कहा कि शुक्रवार के मुकाबले अफरा-तफरी की स्थिति कम थी, क्योंकि यात्रियों को हड़ताल के बारे में पहले से पता था और वे बस स्टॉप पर इंतजार करने से बच रहे थे।

इसके अलावा, शनिवार को लोकल ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं में भीड़ कम थी। कई ऑफिस जाने वालों ने घर से काम करने का विकल्प चुना।

ठाणे जिले के कलवा के रहने वाले धर्मेश तिवारी ने कहा, ‘दादर स्टेशन के बाहर कैब के लिए लंबी लाइन लगी थी, लेकिन ‘शेयर टैक्सी सर्विस’ की वजह से केईएम अस्पताल से दादर लौटना कोई मुश्किल काम नहीं था।’

बेस्ट के अपने कर्मचारियों में, निर्धारित 1,937 चालकों के मुकाबले केवल 26 बस चालक ही ड्यूटी पर आए जबकि 2,646 निर्धारित कर्मचारियों के मुकाबले केवल नौ कंडक्टर उपस्थित हुए।

बस निरीक्षकों की उपस्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां 221 निर्धारित कर्मियों में से 119 कर्मी ड्यूटी पर उपस्थित हुए।

बेस्ट के आकंड़ों के अनुसार, पट्टे पर ली गईं बसों का संचालन भी इसी तरह प्रभावित रहा, जहां 3,063 निर्धारित चालकों के मुकाबले केवल आठ चालक ही ड्यूटी पर आए, जबकि 1,137 निर्धारित कंडक्टरों में से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।

बेस्ट ने कहा है कि हड़ताल का असर बिजली आपूर्ति के कामकाज पर नहीं पड़ा है और बिजली सेवाएं सामान्य रूप से संचालित की जा रही हैं।

उसने कहा कि प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों को बिना रुकावट, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं देना है और हड़ताल के असर को कम करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री की अपील और आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू किए जाने के बावजूद, बेस्ट के कर्मचारी हड़ताल पर अड़े रहे।

बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति के संयोजक उदय अंबोनकर ने शुक्रवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया ‘‘किसी ठोस फैसले के अभाव में, हमने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।’’

इस हड़ताल का देश की आर्थिक राजधानी में लाखों लोगों के रोजाना के सफर पर बुरा असर पड़ा है। बस सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद होने के कारण कार्यालय जाने वालों, छात्रों, बुज़ुर्गों और मरीज़ों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ कर्मचारी संघों का प्रतिनिधित्व करने वाली संयुक्त समिति, ‘संयुक्त कामगार कृति समिति’ ने अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल का आह्वान किया है।

उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के बाद बेस्ट मुंबई का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक परिवहन है। बेस्ट मौजूदा समय में लगभग 2,700 बस का संचालन करती है, जिनमें से ज्यादातर निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई हैं।

यह दक्षिण और मध्य मुंबई में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति भी करता है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में – बेस्ट के बजट का बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के बजट के साथ विलय करना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये का एकमुश्त भुगतान, 2016-2026 की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, परिवहन और बिजली विभागों में अनुबंध व्यवस्था को समाप्त करना, और पट्टे पर ली गई बस के कर्मचारियों को बेस्ट में शामिल करना शामिल हैं।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर एक्शन कमेटी के नेताओं, शहरी विकास विभाग के अधिकारियों और बेस्ट प्रशासन के साथ एक संयुक्त बैठक की, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही।

कर्मचारियों के एक हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले श्रमिक उत्कर्ष सभा और बेस्ट कामगार यूनियन ने इस आंदोलन से खुद को अलग कर लिया है।

भाषा जितेंद्र राखी शफीक

शफीक