मुंबई, चार अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को कांग्रेस द्वारा ‘गूंगी गुड़िया’ कहने पर मंगलवार को राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया। इस टिप्पणी पर पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और सत्तारूढ़ गठबंधन के अन्य घटक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
अपनी पार्टी अध्यक्ष के लिए की गई इस टिप्पणी से नाराज राकांपा ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अब 1960 के दशक में अपनी ही नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर किए गए चर्चित तंज का समर्थन करती है। सुनेत्रा पवार अपने पति अजित पवार के निधन के बाद छह महीने पहले ही सक्रिय राजनीति में आई हैं।
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दलों शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा, हालांकि कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अपनी पार्टी द्वारा इस शब्द के इस्तेमाल का बचाव किया।
शिवसेना प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि विपक्षी दल को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह राज्य की सभी महिलाओं का अपमान है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें राकांपा नेता धनंजय मुंडे ने बीड जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक पत्रकार के सवाल से सुनेत्रा पवार का बचाव किया।
वीडियो में मुंडे को पत्रकार के सवाल के बीच में हस्तक्षेप करते हुए देखा गया। सुनेत्रा पवार ने सवाल का जवाब नहीं दिया और मुंडे द्वारा संवाद खत्म होने की घोषणा के बाद वह वहां से चली गईं।
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो के साथ लिखा, ‘सुनेत्रा पवार, वह और कितने दिन तक ‘गूंगी गुड़िया’ बनी रहेंगी?’
सुनेत्रा पवार बीड जिले की प्रभारी मंत्री हैं, जहां मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी हैं।
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए राकांपा प्रवक्ता उमेश पाटिल ने विपक्षी दल द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में मतभेद और नीतियों की तीखी आलोचना की अनुमति है, लेकिन महिलाओं को नीचा दिखाने वाली भाषा किसी भी राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती।’
पाटिल ने सवाल किया कि क्या सुनेत्रा पवार के खिलाफ ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द का इस्तेमाल करके कांग्रेस परोक्ष रूप से उस आलोचना का समर्थन कर रही है, जो कभी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए की गई थी।
राकांपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यह ‘आपत्तिजनक’ सोशल मीडिया पोस्ट उसके अपने राजनीतिक विरासत के विपरीत नजर आती है।
पाटिल ने कहा कि इंदिरा गांधी ने मजबूत नेतृत्व और उपलब्धियों के जरिए इस तंज का जवाब दिया था, खासकर 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निर्णायक फैसलों के माध्यम से उन्हें वैश्विक नेता के रूप में पहचान मिली।
उन्होंने कांग्रेस से इस टिप्पणी को वापस लेने और राजनीतिक संवाद में गरिमा एवं सम्मान बनाए रखने की परंपरा का पालन करने की अपील की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर केवल सुर्खियां बटोरने के लिए निचले स्तर की राजनीति करने का आरोप लगाया।
फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति इस तरह की निम्नस्तरीय टिप्पणियों के जरिये प्रचार हासिल करने के प्रयासों को स्वीकार नहीं करती।
उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग केवल खबरों में बने रहने के लिए काम कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि बदनाम होकर भी नाम सुर्खियों में आ जाए तो काफी है। यह महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति नहीं है।’
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, ‘यह (टिप्पणी) राज्य की सभी ‘लाडकी बहनों’ का अपमान है। 2024 के विधानसभा चुनाव में ‘लाडकी बहनों’ ने दिखा दिया है कि वे क्या कर सकती हैं।’
राकांपा नेता एवं पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने दावा किया कि कांग्रेस सुनेत्रा पवार के बढ़ते राजनीतिक कद से भयभीत है।
उन्होंने मंत्रालय में संवाददाताओं से कहा, ‘कांग्रेस पार्टी सुनेत्रा पवार से कितनी नफरत करती है, जो राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हैं, यह उसके सोशल मीडिया पोस्ट से स्पष्ट है। कांग्रेस को ऐसी टिप्पणियां करने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।’
मुंडे ने कहा, ‘हमारी नेता सुनेत्रा पवार आने वाले दिनों में अपने काम से आलोचकों को जवाब देंगी। कांग्रेस उनसे इसी वजह से डरती है और इसलिए उसने सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणी की।’
वायरल वीडियो को लेकर हो रही आलोचना पर मुंडे ने कहा कि उनके खिलाफ ‘मीडिया ट्रायल’ निराशाजनक है।
‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी पर विपक्षी राकांपा (शरद चंद्र पवार) नेता एवं सुनेत्रा पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा, ‘संदर्भ को भी ध्यान में रखना चाहिए। एक पत्रकार उनसे सवाल पूछना चाहता था, लेकिन एक स्थानीय नेता ने उसे अपना काम करने से रोका और सुनेत्रा पवार ने चुप्पी साधे रखी, जबकि उनके पास अन्याय रोकने की शक्ति थी।’
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सुनेत्रा पवार के लिए ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि यह शब्द न तो अपमानजनक है और न ही असंसदीय। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को आलोचना को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘(इंदिरा गांधी की तरह) सुनेत्रा पवार को भी अपने काम के जरिए नेतृत्व साबित करना चाहिए।’ सपकाल ने कहा कि यह टिप्पणी राजनीतिक थी, व्यक्तिगत नहीं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि जो लोग आलोचना सहन नहीं कर सकते, उन्हें राजनीति छोड़ देनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ राकांपा के कार्यकर्ताओं ने उसके मुंबई स्थित कार्यालय में जबरन प्रवेश करके तोड़फोड़ की कोशिश की।
राकांपा ने दक्षिण मुंबई स्थित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
सपकाल ने आरोप लगाया कि राकांपा कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में जबरन घुसे और वहां तोड़फोड़ करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उकसावे के बावजूद कांग्रेस महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चलती रहेगी।
हालांकि, राकांपा ने दावा किया कि उसका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था।
सपकाल ने कहा कि राकांपा से जुड़े कुछ ‘गुंडे जैसे तत्व’ कांग्रेस कार्यालय में घुस आए और परिसर में तोड़फोड़ की कोशिश की। उन्होंने इसे ‘कायरतापूर्ण हमला’ और लोकतांत्रिक राजनीति में खतरनाक मिसाल बताया।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘यह विश्वास करना मुश्किल है कि पुलिस को राकांपा कार्यकर्ताओं के आने की कोई जानकारी नहीं थी। कांग्रेस कार्यालय को कोई पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई थी। हम न केवल हमले की, बल्कि पुलिस की विफलता की भी निंदा करते हैं।’
सपकाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय राकांपा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की और दावा किया कि इस घटना के पीछे भाजपा की भूमिका थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जवाब देने में सक्षम है, लेकिन वह महात्मा गांधी से जुड़े शालीनता और अहिंसा के मूल्यों को नहीं छोड़ेगी।
सपकाल ने कहा, ‘अगर उन्होंने (राकांपा ने) हमें पहले प्रदर्शन की सूचना दी होती तो हम संविधान की एक प्रति भेंट कर उनका स्वागत करते।’
राकांपा प्रवक्ता सूरज चव्हाण की ओर परोक्ष तौर पर इशारा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति को पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार ने पहले पार्टी पद से हटा दिया था।
सपकाल ने कहा कि अतीत में पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह समेत कई राजनीतिक नेताओं को भी अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिंसा के बजाय अपने काम के जरिए जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी को कभी ‘गूंगी गुड़िया’ और मनमोहन सिंह को ‘मौनी बाबा’ कहा गया था, लेकिन दोनों ने राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान से आलोचकों को जवाब दिया।
इस बीच, राकांपा प्रवक्ता चव्हाण ने कहा कि वह और पार्टी कार्यकर्ता सुनेत्रा पवार की आलोचना को लेकर सपकाल से सवाल करने के लिए कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने कहा, ‘वह ‘गूंगी गुड़िया’ नहीं हैं। वह एक तूफान हैं।’ चव्हाण ने सपकाल से माफी मांगने की मांग की।
चव्हाण ने दावा किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और राकांपा कार्यकर्ताओं ने किसी तरह की हिंसा नहीं की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे तब तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी परिसर से नहीं हटेंगे, जब तक सपकाल माफी नहीं मांगते। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जब राकांपा कार्यकर्ताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया।
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा की गई ‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी की निंदा करते हुए पार्टी से सार्वजनिक माफी की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसी महिला का इस तरह अपमान करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। अमृता फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने इस तरह की टिप्पणी की। किसी महिला का इस प्रकार अपमान करना पूरी तरह गलत है। प्रगतिशील महाराष्ट्र में हम इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते। कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।’
भाषा अमित पवनेश देवेंद्र
देवेंद्र