उड्डयन क्षेत्र में बड़े ‘खिलाड़ियों’ को आना चाहिए : प्रफुल्ल पटेल

उड्डयन क्षेत्र में बड़े ‘खिलाड़ियों’ को आना चाहिए : प्रफुल्ल पटेल

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 06:54 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

(विलास टोकाले और उमंग गडा)

मुंबई, नौ जनवरी (भाषा) पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि देश के विमानन क्षेत्र में बड़े ‘खिलाड़ियों’ को कदम रखना चाहिए, न कि अविश्वसनीय लोगों को।

पटेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “भारत में नयी विमानन कंपनियों के आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। लेकिन विमानन एक बहुत ही जटिल उद्योग है। यह एक कठिन उद्योग है, जिसमें बहुत अधिक पूंजी लगती है और नकदी का प्रवाह भी बहुत तेज होता है।”

उन्होंने कहा, “इसीलिए यह जरूरी है कि विमानन व्यवसाय में बड़े ‘खिलाड़ी’ कदम रखें, न कि अविश्वसनीय लोगों को। कुछ नयी विमानन कंपनियों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे लंबे समय तक टिकने वाली हैं।”

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता पटेल (68) साल 2004 से 2011 के बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री थे। वह वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं।

पटेल ने कहा, “हमें टाटा जैसी मजबूत कंपनियों की जरूरत है, जो एअर इंडिया के साथ आई। ऐसे ही अन्य बड़े नामों के भी विमानन क्षेत्र में कदम रखने की जरूरत है।”

पिछले महीने इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधानों के बारे में पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इंडिगो आर्थिक रूप से बेहद मजबूत विमानन कंपनी है। पायलट और ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन’ (एफडीटीएल) नियमों से संबंधित समस्या थी। काश कंपनी ने इसे बेहतर तरीके से संभाला होता!”

पटेल ने कहा, “हालांकि, कुल मिलाकर इंडिगो भारतीय विमानन बाजार में अब भी एक बहुत महत्वपूर्ण ‘खिलाड़ी’ है और आने वाले कई वर्षों तक महत्वपूर्ण बनी रहेगी।”

उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि विमानन क्षेत्र को मजबूत ‘खिलाड़ियों’ की जरूरत है। यहां एकाधिकार या दो कंपनियों का वर्चस्व नहीं है… अतीत में आपने जेट एयरवेज, किंगफिशर और गोएयर को वित्तीय रूप से विफल होते देखा है और कई अन्य विमानन कंपनियों को भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है।”

पटेल ने कहा, “इसलिए, अगर विमानन क्षेत्र में मजबूत ‘खिलाड़ी’ होंगे, तो यह देश के लिए अच्छा होगा।”

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश