मुंबई, छह जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार को कहा कि भाजपा अपने गठबंधन साझेदारों से हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के सम्मान की अपेक्षा करती है। उनके इस बयान पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई और उसने आंबेडकरवादी विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान सावरकर का जिक्र आने के बाद महायुति में शामिल दोनों दलों भाजपा और राकांपा के बीच टकराव देखने को मिला है।
पुणे और पिंपरी चिंचवड निकाय चुनाव में अपने चाचा शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से गठबंधन करने वाले अजित पवार नगर निकाय प्रशासन को लेकर भाजपा के स्थानीय नेताओं के खिलाफ हमलावर रुख अपनाए हुए हैं।
शेलार ने कहा, “महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी सारवकर की विचारधारा का अनुसरण करती है और भाजपा के सहयोगियों से भी उनके विचारों का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है।”
शेलार ने कहा, “अगर आप हमारे साथ आते हैं, तो हम मिलकर काम करेंगे। अगर नहीं आते हैं तब भी हम मिलकर काम करते रहेंगे। अगर आप हमारा विरोध करते हैं तो हम भी आपका विरोध करेंगे, लेकिन हमारा काम चलता रहेगा।”
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राकांपा महायुति में भाजपा के सहयोगी दल हैं।
राकांपा नेता अमोल मिटकरी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा की इस जिद पर सवाल उठाए कि अजित पवार और उनकी पार्टी को भाजपा के वैचारिक नेतृत्व के तहत काम करना होगा।
मिटकरी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “केवल आप जानते हैं कि इस जोर-जबरदस्ती में कितनी सच्चाई है। फिलहाल मैं बस यही कहूंगा कि हम शिव-शाहू-आंबेडकर आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध थे, हैं और रहेंगे।”
उन्होंने लिखा, “भले ही हम उस विचारधारा को स्वीकार नहीं करें, जिसे स्वीकार करने की आप अपेक्षा करते हैं, फिर भी यह अकाट्य सत्य है कि आपको हमारी पार्टी की आंबेडकरवादी विचारधारा न चाहते हुए भी स्वीकार करनी होगी।”
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश