जबलपुर। Reservation in Promotion Case: मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण मामले को लेकर आज हाईकोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई। प्रकरण में अजाक्स संघ (अनुसूचित जाति–जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ) ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा। अजाक्स संघ की ओर से कहा गया कि प्रदेश में पिछले करीब 9 वर्षों से प्रमोशन में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जिससे आरक्षित वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यक सुधार और प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रमोशन में आरक्षण दिया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान अजाक्स संघ ने सपाक्स संगठन के उस दावे को सिरे से खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि आरक्षित वर्ग का प्रमोशन में ओवर रिप्रजेंटेशन है। अजाक्स का तर्क था कि तथ्यात्मक और संवैधानिक आधार पर यह दावा सही नहीं है और इसे आधार बनाकर आरक्षण रोका नहीं जा सकता। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को दोपहर 12 बजे निर्धारित की है।
Reservation in Promotion Case: दरअसल, राजधानी भोपाल निवासी डा. स्वाति तिवारी सहित अन्य की ओर से दायर याचिकाओं में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 को चुनौती दी गई है। दलील दी गई कि वर्ष 2002 के नियमों को हाई कोर्ट के द्वारा आरबी राय के केस में समाप्त किया जा चुका है। इसके विरुद्ध मप्र शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला अभी लंबित है, इसके बावजूद मप्र शासन ने महज नाम मात्र का शाब्दिक परिवर्तन कर जस के तस नियम बना दिए।