पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की होगी हार : अखिलेश यादव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की होगी हार : अखिलेश यादव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की होगी हार : अखिलेश यादव
Modified Date: March 15, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: March 15, 2026 6:51 pm IST

मुंबई, 15 मार्च (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अगले महीने होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा।

अखिलेश ने साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी मुख्यमंत्री के पद पर बनी रहेंगी।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि समाजवादी पार्टी असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल सहित चार राज्यों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों को अपना समर्थन देगी। इन चार राज्यों में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम असम में एक सीट की मांग कर रहे हैं, और अगर ऐसा नहीं भी होता है, तो भी हम ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों का समर्थन करेंगे।’’

असम और केरल में नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा।

अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और साथ ही यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार के हाथों की कठपुतली न बन जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करने के लिए पश्चिम बंगाल के मतदाताओं की सराहना की और कहा कि लोग केंद्र सरकार के भेदभाव या कुप्रबंधन को नहीं भूलेंगे।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ‘सम्मानजनक हार’ चाहती है।

उन्होंने कहा कि पूर्वी राज्य के लोग राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री के रूप में फिर से लौटेंगी।

सपा नेता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में ‘बुलडोजर चालक’ बदलेगा और वह योगी आदित्यनाथ की जगह मुख्यमंत्री बनेंगे।

अखिलेश ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आती है, तो वह इटावा में छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित 1,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ एक पार्क विकसित करेगी।

अखिलेश यादव ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पिछले महीने इजराइल की अपनी यात्रा से लौटते समय ईरान में रुकना चाहिए था, और मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को रोकने तथा ‘विश्वगुरु’ बनने का अवसर गंवा दिया।

भाषा रविकांत दिलीप

दिलीप


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