मुंबई, एक जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के नेता सुधीर मुनगंटीवार ने बुधवार को दावा किया कि राज्य सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने उनसे निजी तौर पर कहा था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रश्नपत्र आगरा में छापे जा रहे थे।
टीईटी को कथित प्रश्नपत्र लीक होने के बाद स्थगित कर दिया गया था।
मुनगंटीवार ने कहा कि मंत्री की इस स्वीकारोक्ति से स्कूल शिक्षा विभाग के कामकाज में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े भुसे से इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं मिल सकी।
महाराष्ट्र में टीईटी -2026 को निर्धारित तिथि से एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया था।
इस घटनाक्रम से छह लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा सुनिश्चित करने के बजाय राजनीतिक दलों को तोड़ने में व्यस्त है। पुलिस ने ठाणे जिले के भिवंडी से अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें फरार आरोपियों में से एक की पत्नी भी शामिल है। पकड़े गए आरोपी मूल रूप से हरियाणा और बिहार के निवासी हैं।
प्रथम दृष्टया जांच में अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता सामने आने के बाद मामले की जांच एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है।
मुनगंटीवार ने विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “स्कूल शिक्षा मंत्री ने निजी तौर पर स्वीकार किया कि उनके विभाग ने उन्हें कभी यह जानकारी नहीं दी कि (टीईटी) परीक्षा के प्रश्नपत्र आगरा में छप रहे थे। आगरा का महाराष्ट्र से ऐतिहासिक संबंध रहा है, क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज वहां से निकलकर आए थे, लेकिन अब वहां परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने का पाप भी हो गया है।”
विधान भवन में इस समय राज्य विधानमंडल का सत्र चल रहा है।
भाजपा विधायक ने कहा, “मंत्री अब कह रहे हैं कि परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी और प्रश्नपत्र यहीं तैयार किए जाएंगे।”
पूर्व मंत्री ने कहा कि भुसे की इस स्वीकारोक्ति से स्कूल शिक्षा विभाग के कामकाज में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं और इससे राज्य स्तर की सभी परीक्षाओं की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता भी रेखांकित होती है।
भाषा जितेंद्र धीरज
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