मुंबई, दो जनवरी (भाषा) बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके महायुति गठबंधन के सहयोगियों ने 68 सीट निर्विरोध जीत ली हैं।
भाजपा नेता केशव उपाध्याय ने शुक्रवार को कहा कि राज्य भर में भाजपा और महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो शहरी स्थानीय निकायों में पार्टी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में भाजपा के 44 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से है। इसके बाद पुणे, पिंपरी चिंचवाड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर हैं।
इस बीच, शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने शुक्रवार को सत्ताधारी दल पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी उम्मीदवारों को 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पीछे हटने के लिए पैसों का इस्तेमाल कर रही है और उन्हें धमकी दे रही हैं।
शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन वापसी के लिए देर रात आने वाले उम्मीदवारों का आवेदन भी स्वीकार किया जाए।
राउत ने दावा किया, “इस चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मेरे एक मित्र ने कहा कि अपराह्न तीन बजे के बाद आवेदन स्वीकार करना उचित नहीं है। इस पर उन्हें एक मंत्री ने ऐसे लहजे में कहा, जिसमें अनुरोध और धमकी दोनों झलकते थे, कि उन्हें स्थानीय विधायक की बात माननी चाहिए।”
मनसे के नेता अविनाश जाधव ने कहा, ‘अगर आप मतदान से पहले ही चुनाव जीतना चाहते हैं तो चुनाव क्यों करवाते हैं? दोनों सत्ताधारी दलों को आपस में ही चुनाव की सीट बांट लेनी चाहिए। भारत और राज्य में लोकतंत्र का अंत हो चुका है। उन्होंने विपक्ष के कमजोर उम्मीदवारों को चुनकर अपना काम करवा लिया।’
शिवसेना (उबाठा) के नेता अरविंद सावंत ने सत्ताधारी दलों पर विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव डालने का आरोप लगाया, ताकि बीएमसी चुनाव में निर्विरोध जीत सुनिश्चित हो सके।
महायुति के उम्मीदवारों द्वारा निर्वविरोध निर्वाचित होने के बाद, उनकी जीत की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरलीधर मोहोल ने कहा कि पुणे के अगले महापौर उनकी पार्टी से होंगे।
मोहोल ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य 125 सीट जीतना था, जिनमें से हम पहले ही दो सीट जीत चुके हैं, इसलिए 123 सीट शेष हैं। दो सीट निर्विरोध जीती गईं। यह हमारी पार्टी के सुशासन का प्रमाण है।’ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 22 और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
भाजपा नेताओं ने इस रुझान का श्रेय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की लोकप्रियता और राज्य इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की सफल चुनावी रणनीति को दिया।
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को 29 नगर निकायों के चुनाव होंगे।
भाषा राखी सुरेश
सुरेश