पुणे, दो जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को महानगर पालिका चुनावों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने का औचित्य साबित करते हुए दावा किया कि उन पर खुद 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में साजिश रचने के आरोप लगे थे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कोई दोषी साबित न हो जाए, तब तक वह अपराधी नहीं होता।
केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुरलीधर मोहोल ने आपराधिक संबंधों वाले व्यक्तियों को टिकट देने के लिए बृहस्पतिवार को पवार की आलोचना की थी।
पवार ने मोहोल को जवाब देते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि वह ऐसे तत्वों का कभी समर्थन नहीं करते।
अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अपनी सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई)-(सचिन खरात गुट) के माध्यम से गिरोह सरगना सूर्यकांत उर्फ बंदू अंडेकर की बहू सोनाली अंडेकर और उनकी साली लक्ष्मी अंडेकर को टिकट दिया है।
तीनों पर बंदू अंडेकर के पोते आयुष कोमकर की हत्या का आरोप है और वे फिलहाल जेल में हैं।
राकांपा ने 15 जनवरी को होने वाले पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका चुनावों में आरपीआई (सचिन खरात गुट) के साथ गठबंधन किया है।
पवार ने कहा, “मैं राकांपा और आरपीआई (सचिन खरात गुट) सहित अन्य गठबंधन सहयोगियों द्वारा टिकट दिए गए उम्मीदवारों की सूची जारी करूंगा।”
उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि मुझ पर 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के आरोप लगे थे। आज मैं उन लोगों के साथ सत्ता में हूं, जिन्होंने ये आरोप लगाए थे। क्या किसी व्यक्ति को बिना सबूत के दोषी करार दिया जा सकता है?”
भाषा जितेंद्र माधव
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