Reported By: Vishal Vishal Kumar Jha
,Bilaspur News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राजस्व निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा को निरस्त कर दिया है। बता दें कि 216 पटवारियों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई थी। कोर्ट ने माना है कि पदोन्नति परीक्षा प्रणाली दूषित थी। चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद, कदाचरण और पक्षपात के संकेत मिले हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस एन के व्यास की एकलपीठ में हुई।
Chhattisgarh Revenue Inspector promotion exam cancels, मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं की गई। ऐसे में याचिकाकर्ताओं को राजस्व निरीक्षक के प्रोफेशनल पद के लिए ट्रेनिंग पर भेजने का निर्देश जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि पटवारी पद से राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector promotion exam Chhattisgarh)के पद पर पदोन्नति के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नई परीक्षा आयोजित करने के लिए स्वतंत्र है।
Bilaspur News: कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि जब पदोन्नति परीक्षा ही कदाचरण के घेरे में है और दूषित है तब पटवारी से पदोन्नति प्राप्त राजस्व निरीक्षकों को प्रशिक्षण पर भेजने का प्रश्न ही नहीं उठता। हाई कोर्ट ने राज्य शासन को छूट दी है कि वह पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद (Revenue Inspector promotion exam Chhattisgarh)पर पदोन्नति के लिए नई परीक्षा आयोजित कर सकता है। कोर्ट ने साफ कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी किसी भी चयन प्रक्रिया में परीक्षा की पवित्रता और निष्पक्षता से कोई समझौता न हो। योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिले और किसी भी प्रकार का पक्षपात या अनुचित लाभ न दिया जाए।