आंबेडकर की जयंती को उनके विचारों के उत्सव के रूप में मनाएं: फडणवीस
आंबेडकर की जयंती को उनके विचारों के उत्सव के रूप में मनाएं: फडणवीस
मुंबई, तीन अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती को “विचारों के उत्सव” के रूप में मनाने का आह्वान किया और उनके विचारों एवं योगदान को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आंबेडकर की 135वीं जयंती (14 अप्रैल) की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महान नेता द्वारा दिया गया संविधान और उनकी दृष्टि आज भी देश की प्रगति का मार्गदर्शन कर रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने कहा कि महान नेताओं की जयंती का आयोजन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “डा. आंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक है और इसके समावेशी सिद्धांत भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ष इन आयोजनों को अधिक सार्थक और भव्य बनाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 14 अप्रैल को चैत्यभूमि में श्रद्धांजलि देने आने वाले लाखों लोगों को ध्यान में रखते हुए गर्मी से बचाव के लिए शेड, पर्याप्त पेयजल व्यवस्था और दादर एवं आसपास के इलाकों में सुचारू यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने आम लोगों के लिए सूचना बोर्ड लगाने और दादर रेलवे स्टेशन से चैत्यभूमि के बीच पर्याप्त बस सेवा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालयों के माध्यम से संविधान को हर घर तक पहुंचाने की पहल की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ‘‘शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो’’ के आंबेडकर के संदेश के अनुरूप बड़े पैमाने पर छात्रावास बनाए जा रहे हैं और इस वर्ष जयंती के तहत विशेष पहल की जाएगी।
शिरसाट ने बताया कि 13 अप्रैल को चैत्यभूमि में डा. आंबेडकर के जीवन पर आधारित ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, बैठक में पुलिस द्वारा औपचारिक सलामी, हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा, आवास व्यवस्था, आपात एवं चिकित्सा सेवाएं, प्रदर्शनी पंडाल और स्मारक स्थल की सजावट सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
भाषा राखी सुरेश
सुरेश

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