चाकणकर का इस्तीफा ही काफी नहीं है, ‘बड़ी मछलियों’ के खिलाफ भी हो कार्रवाई : विपक्ष
चाकणकर का इस्तीफा ही काफी नहीं है, ‘बड़ी मछलियों’ के खिलाफ भी हो कार्रवाई : विपक्ष
मुंबई, 21 मार्च (भाषा) दुष्कर्म के आरोपी एक ‘स्वयंभू बाबा’ के साथ संबंधों के कारण महाराष्ट्र महिला आयोग के अध्यक्ष पद से रूपाली चाकणकर के इस्तीफे के एक दिन बाद विपक्षी दलों ने शनिवार को कहा कि केवल उनका इस्तीफा ही काफी नहीं है बल्कि इस मामले से जुड़ी ‘बड़ी मछलियों’ (बड़े लोगों) खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि उन्होंने चाकणकर का इस्तीफा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। सुनेत्रा पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से ताल्लुक रखने वाली चाकणकर ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
हालांकि, विपक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य सरकार पर दबाव बनाना जारी रखा है। कांग्रेस नेताओं विजय वडेट्टीवार और वर्षा गायकवाड ने कहा कि उनका इस्तीफा पर्याप्त नहीं है और एक व्यापक जांच होनी चाहिए।
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि इस सप्ताह की शुरुआत में नासिक में गिरफ्तार किये गये ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात से जुड़े प्रभावशाली लोगों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। खरात को इस सप्ताह की शुरुआत में नासिक पुलिस ने एक महिला ने कथित तौर पर कई बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
उन्होंने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ प्रभावशाली आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। खरात मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं और पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है।’’
उन्होंने मांग की कि खरात के संपर्क में रहे सभी लोगों, जिनमें मंत्री और अन्य करीबी सहयोगी शामिल हैं, के ‘कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर)’ की जांच की जाए।
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया, ‘‘खरात के अपार धन और उसे प्राप्त संरक्षण को देखते हुए, ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ व्यक्तियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।’’
खरात स्वयं को मर्चेंट नेवी का सेवानिवृत्त अधिकारी बताता है और ‘कैप्टन’ उपनाम से जाना जाता है। कई नेता कथित आध्यात्मिक सलाह के लिए उससे मिलने जाते रहे हैं।
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि चाकणकर के इस्तीफे से मामले का ‘पटाक्षेप’ नहीं होगा। उन्होंने आरोपी से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ जांच की मांग की।
गायकवाड ने कहा कि खरात से जुड़े कुछ मंत्रियों और अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच शुरू कर दी है, लेकिन मामले के पीड़ितों को न्याय तभी मिलेगा जब खरात से कथित तौर पर जुड़े सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि ‘फर्जी बाबाओं’ का अनुसरण करने वाले ‘ फर्जी अनुयायियों’ के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
महाराष्ट्र नरबलि और अघोरी प्रथा एवं काला जादू निवारण अधिनियम का हवाला देते हुए ठाकरे ने कहा, ‘‘यदि कानून का पालन करने वाले लोग ऐसे फर्जी बाबाओं का अनुसरण कर रहे हैं, तो राजनीति में दिखाई देने वाले ऐसे फर्जी अनुयायियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।’’
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने नवंबर 2022 में नासिक जिले की सिन्नार तहसील के मीरगांव स्थित श्री शिवनिका मंदिर में खरात से मुलाकात की थी। खरात मंदिर न्यास के अध्यक्ष थे और चाकणकर न्यायियों में शामिल थीं।
एक महिला ने नासिक पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत में कहा है कि खरात ने उसकी शादी के बाद 2022 में उसे अपने कार्यालय में बुलाया और दावा किया कि उसकी ज्योतिषीय गणना उसके पति के जीवन को खतरे की ओर इशारा करती हैं और उसे इससे बचने के लिए कुछ अनुष्ठान करने की आवश्यकता है।
महिला ने आरोप लगाया कि खरात ने उसे बेहोशी की दवा मिला हुआ पेय पिलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक खरात ने तीन साल तक यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस ने बताया कि खरात से एक पेन ड्राइव बरामद की गई है जिनमें कम से कम 58 वीडियो बरामद मिले हैं, जिनमें कुछ आपत्तिजनक क्लिप भी शामिल हैं।
भाषा धीरज माधव
माधव

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