‘चवदार तले सत्याग्रह’ लोगों को मानवीय गरिमा और समानता की याद दिलाता है: फडणवीस

‘चवदार तले सत्याग्रह’ लोगों को मानवीय गरिमा और समानता की याद दिलाता है: फडणवीस

‘चवदार तले सत्याग्रह’ लोगों को मानवीय गरिमा और समानता की याद दिलाता है: फडणवीस
Modified Date: March 20, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: March 20, 2026 5:06 pm IST

मुंबई, 20 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने रायगढ़ जिले के महाड स्थित ऐतिहासिक चवदार तले तालाब के व्यापक विकास का कार्य शुरू कर दिया है।

यह तालाब, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसकी अगले वर्ष शताब्दी पूरी हो जाएगी।

फडणवीस ने परियोजना के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल केवल तालाब के जल शुद्धिकरण तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य क्षेत्र का समग्र विकास करना है, जिसमें सौंदर्यीकरण और विभिन्न सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने गहरे सामाजिक विभाजन के दौर में समानता और मानवीय गरिमा को बढ़ावा देने वाले एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन के रूप में चवदार तले सत्याग्रह को याद करते हुए कहा, “यह हमें डॉ. आंबेडकर द्वारा प्रतिपादित मानवता और सामाजिक न्याय के मूल्यों की याद दिलाता है।”

फडणवीस ने कहा, “हम इस स्थल को उन आदर्शों को प्रतिबिंबित करते हुए विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

डॉ. आंबेडकर और उनके समर्थकों ने 20 मार्च, 1927 को महाड में एक सभा की और उसके बाद चवदार तले तालाब पर जाकर दलित समुदायों के सार्वजनिक जल स्रोतों के उपयोग के अधिकार को दर्शाने के लिए उसका जल पिया।

यह घटना ‘चवदार तले सत्याग्रह’ के नाम से प्रसिद्ध हुई। महाड, मुंबई से लगभग 170 किलोमीटर दूर स्थित है।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव


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