मुख्यमंत्री नायडू ने एक जनवरी,2026 से पूरे आंध्र प्रदेश में ‘संजीवनी’ स्वास्थ्य परियोजना लागू करने का निर्देश दिया

मुख्यमंत्री नायडू ने एक जनवरी,2026 से पूरे आंध्र प्रदेश में ‘संजीवनी’ स्वास्थ्य परियोजना लागू करने का निर्देश दिया

मुख्यमंत्री नायडू ने एक जनवरी,2026 से पूरे आंध्र प्रदेश में ‘संजीवनी’ स्वास्थ्य परियोजना लागू करने का निर्देश दिया
Modified Date: August 26, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: August 26, 2026 7:31 pm IST

अमरावती, 26 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ‘संजीवनी’ परियोजना को एक जनवरी 2027 से पूरे राज्य में लागू करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने बुधवार को कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड के साथ इस परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन से स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव आ सकता है।

एक समीक्षा बैठक के दौरान नायडू ने ‘संजीवनी’ परियोजना की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को कुप्पम विधानसभा क्षेत्र तथा चित्तूर जिले में इसके क्रियान्वयन से मिले परिणामों को पूरे राज्य में दोहराने का निर्देश दिया।

नायडू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘हमें संजीवनी परियोजना को सफल बनाना चाहिए, ताकि अन्य राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आंध्र प्रदेश का अनुसरण करें।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अधिकतर परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करते हैं। उन्होंने इस बोझ को कम करने के लिए संजीवनी जैसी योजनाओं को लागू करने का निर्देश दिया।

उन्होंने संजीवनी कार्यक्रम के आधिकारिक साझेदार टाटा के प्रतिनिधियों से चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए नवाचारों पर काम करने को कहा।

अधिकारियों ने नायडू को बताया कि संजीवनी कार्यक्रम को पूरे राज्य में लागू करने के लिए 90 दिन की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें आधारभूत अध्ययन, डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास, प्रशिक्षण, प्रमाणन और राष्ट्रीय एवं राज्य पोर्टल के साथ एकीकरण शामिल है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत 28 जिलों में चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चिकित्सा सेवाएं पूर्वानुमान आधारित, निवारक, उपचारात्मक और किफायती तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ लोगों की खान-पान की आदतों और सोच में सुधार के प्रयास करने की भी जरूरत बताई।

नायडू ने स्वास्थ्य सेवाओं में होम्योपैथी, आयुर्वेद, योग, प्राणायाम और नवीनतम चिकित्सा ज्ञान को एकीकृत करने का निर्देश दिया तथा एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक इस्तेमाल पर भी बल दिया।

उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड विकसित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों की साफ-सफाई समेत आउटसोर्स की गई सेवाओं की समीक्षा करने और प्रभावी सेवाएं नहीं देने वाली एजेंसियों को हटाने के लिए नीति बनाने को कहा।

नायडू ने कहा कि चिकित्सा सेवाएं इस तरह उपलब्ध कराई जानी चाहिए कि लोगों का भरोसा कायम हो।

भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष

संतोष


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