मुंबई, छह जून (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार को परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं की बात सुननी चाहिए और उन्हें कम नहीं आंकना चाहिए।
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने फेसबुक पर एक पोस्ट में उद्धव ठाकरे का संदेश साझा किया, जिसमें कहा गया है कि युवा देश का भविष्य हैं और वे भीषण गर्मी में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसमें कहा गया है कि उन्हें न्याय से वंचित करना और उन्हें ‘कॉकरोच’ (तिलचट्टा) कहना अनुचित है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों युवाओं का जीवन तबाह हो गया है और वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘‘सरकार को युवाओं की आवाज सुननी होगी और इन्हें कम नहीं आंकना चाहिए। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों द्वारा यही संकेत दिया गया है।’’
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख के बेटे एवं विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े मामलों में धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पैदा की गई अव्यवस्था के खिलाफ उनके इस्तीफे की मांग करते हुए युवाओं का सड़कों पर उतरना, ‘‘बदले की भावना से काम करने वाली और लोकतंत्र विरोधी’’ देश की व्यवस्था के खिलाफ नागरिकों की आवाज उठाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आदित्य ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शासन द्वारा ध्यान भटकाने, गुमराह करने, बदनाम करने और रोकने के तमाम प्रयासों के बावजूद आज बाहर निकलने वाले सभी लोगों को सलाम।’’
राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के समर्थकों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में स्कूली छात्र, कॉलेज के छात्र, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी और अभिभावक समेत कई लोग शामिल हुए।
यह प्रदर्शन सीजेपी द्वारा आयोजित किया गया, जो युवाओं के नेतृत्व वाली एक ऑनलाइन मुहिम है। इस प्रदर्शन के माध्यम से सीजेपी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) समेत विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग कर रही है।
भाषा
सिम्मी संतोष
संतोष