Uttarakhnad Abhivyanjana 5.0: राष्ट्रीय साहित्य एवं काव्य सम्मेलन अभिव्यंजना 5.0 में शामिल हुए CM धामी.. कहा, ‘ये विचारों और भावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच’..

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Uttarakhnad Abhivyanjana 5.0 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कवि केवल शब्दों के रचनाकार नहीं होते।

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  • Publish Date - June 7, 2026 / 12:12 AM IST,
    Updated On - June 7, 2026 / 12:12 AM IST

Uttarakhnad Abhivyanjana 5.0/Photo Credit: IBC24

नैनीताल: Uttarakhnad Abhivyanjana 5.0 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कवि केवल शब्दों के रचनाकार नहीं होते, बल्कि समाज के विचारक, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी होते हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य और कविता समाज को नई दिशा देने के साथ सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।

‘अभिव्यंजना 5.0’ में बोले धामी

मुख्यमंत्री धामी शनिवार को नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय साहित्य एवं काव्य सम्मेलन अभिव्यंजना 5.0 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि विचारों और भावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि कवि की रचनाएं समाज का दर्पण होती हैं। जब समाज विभिन्न समस्याओं और जटिल परिस्थितियों में उलझ जाता है, तब कवि अपनी लेखनी के माध्यम से नई राह दिखाने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करता है।

‘खेत बचाओ अभियान’ को बताया जन आंदोलन

मुख्यमंत्री ने हवालबाग में आयोजित राज्य स्तरीय खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि लोगों की भागीदारी से जन आंदोलन का रूप ले चुका है। धामी ने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि मां के समान है। इसलिए उसकी उर्वरता बनाए रखना और खेती में हानिकारक रसायनों के उपयोग को कम करना बेहद जरूरी है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और टिकाऊ कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। उन्होंने किसानों को नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने, जल का संतुलित उपयोग करने और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह दी। साथ ही बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फसलों का चयन करने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और कृषि को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने के लिए वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

 

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