लखनऊ, छह जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों को राज्य की रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, प्रौद्योगिकी आधारित तथा परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता के दौरान यह निर्देश दिए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा अधिकारियों को ‘‘कतई न बर्दाश्त करने’’ की नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रेलवे परिसरों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने पर भी जोर दिया।
बैठक में रेलवे महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 1867 में स्थापित जीआरपी वर्तमान में छह परिक्षेत्रों, 65 थानों और 89 अस्थायी चौकियों के माध्यम से कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि जीआरपी प्रतिदिन 3,031 से अधिक ट्रेनों, लगभग 1,550 रेलवे स्टेशनों और 30 लाख से अधिक रेल यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही है।
रेलवे पटरियों और ट्रेनों की सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि रेलवे ट्रैक की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संयुक्त गश्त, ड्रोन एवं सीसीटीवी आधारित निगरानी, डिजिटल सत्यापन, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए निरीक्षण ऐप, खुफिया तंत्र को मजबूत करने तथा कबाड़ बाजारों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं।
आदित्यनाथ ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में पथराव की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उन्हें बताया गया कि जनजागरूकता अभियान, सुरक्षा संपर्क कार्यक्रम, अभिभावकों और युवाओं की काउंसिलिंग, ‘रेल मित्र’ नेटवर्क, त्वरित अभियोजन और प्रभावी निगरानी के कारण विभिन्न रेल मंडलों में ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि त्योहारों, बड़े आयोजनों, भर्ती परीक्षाओं और अन्य विशेष अवसरों के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और रेलवे नेटवर्क में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मानव तस्करी और लापता बच्चों की बरामदगी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की तथा ऐसे अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
भाषा
जफर रवि कांत