पुणे, 17 जुलाई (भाषा) पुणे के चर्चित पोर्श कार हादसे के आरोपी नाबालिग को जमानत देने के मामले में किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के दो सदस्यों के आचरण की जांच के लिए गठित समिति ने ‘प्रक्रियागत खामी’ को लेकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई को कथित तौर पर शराब पीकर तेज रफ्तार से लग्जरी पोर्श कार चला रहे नाबालिग ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी जिससे दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी।
जेजेबी सदस्य एल. एन.दानवडे द्वारा 300 शब्दों में सड़क सुरक्षा पर आलेख लिखने सहित मामूली शर्तों पर आरोपी को जमानत दिए जाने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर हंगामा शुरू हो गया था।
इसके बाद महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग ने आरोपी नाबालिग को जमानत देने वाले जेजेबी के दो सदस्यों के आचरण की जांच करने के लिए समिति का गठन किया।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में ‘‘ प्रक्रियागत खामियों’’, ‘‘कदाचार’’ और ‘‘नियमों का अनुपालन नहीं किए जाने’’ जैसे विषयों पर प्रकाश डाला।
डब्ल्यूसीडी द्वारा गठित समिति ने जांच के तहत जेजेबी के दोनों सदस्यों के बयान को भी दर्ज किया ।
डब्ल्यूसीडी अधिकारी ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया, ‘‘ रिपोर्ट में समिति ने प्रक्रियागत खामी के लिए जेजेबी के दो सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर उन्हें (जेजेबी सदस्यों को) उनके जवाब के लिए कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं थे, इसलिए हमने राज्य सरकार को पत्र लिखकर दोनों सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव किया है।’’
इस महीने की शुरुआत में 17 वर्षीय नाबालिग ने जमानत की शर्तों के तहत सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध जमा किया।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश