कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ बताया, रांकापा व शिंदे ने किया पलटवार

कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' बताया, रांकापा व शिंदे ने किया पलटवार

कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ बताया, रांकापा व शिंदे ने किया पलटवार
Modified Date: August 4, 2026 / 06:34 pm IST
Published Date: August 4, 2026 6:34 pm IST

मुंबई, चार अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया पर ‘गूंगी गुड़िया’ कहे जाने पर मंगलवार को राज्य में राजनीतिक घमासान छिड़ गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या वह अब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए कभी इस्तेमाल किए गए इस विवादित शब्द का समर्थन कर रही है।

शिवसेना प्रमुख उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। शिंदे ने कहा कि कांग्रेस को महाराष्ट्र की पहली महिला उप मुख्यमंत्री के ख़िलाफ अपनी टिप्पणियों पर शर्म आनी चाहिए। उन्हें इसे राज्य की महिलाओं का अपमान करार दिया।

विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में कथित तौर पर राकांपा नेता धनंजय मुंडे, बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर पत्रकार द्वारा सुनेत्रा पवार से पूछे गए सवाल का जवाब देने से उन्हें रोकते नजर आए।

हाल ही में सामने आए इस वीडियो में, मुंडे एक पत्रकार के सवाल को बीच में रोकते हुए नजर आ रहे हैं। पवार ने उस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया, बल्कि मुंडे द्वारा बातचीत खत्म होने की घोषणा किए जाने के बाद वे वहां से चली गईं।

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यह वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्हें ‘गूंगी गुड़िया’ बताया गया।

सुनेत्रा पवार बीड जिले की संरक्षक मंत्री हैं। बीड के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड मुख्य आरोपी हैं।

कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा, “सुनेत्रा पवार आखिर कब तक ‘गूंगी गुड़िया’ बनी रहेंगी?”

राकांपा प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि क्या पार्टी अब अप्रत्यक्ष रूप से यह मान रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ कभी की गई यह टिप्पणी उचित थी।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और नीतियों की आलोचना की जा सकती है, लेकिन महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा किसी भी राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती।

पाटिल ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने नेतृत्व और उपलब्धियों, विशेषकर बांग्लादेश युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों के जरिए अपने आलोचकों को जवाब दिया था। उन्होंने कांग्रेस से यह टिप्पणी वापस लेने और राजनीतिक संवाद की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

राकांपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने दावा किया कि कांग्रेस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बढ़ते राजनीतिक कद से घबराई हुई है।

मुंडे ने मंत्रालय में संवाददाताओं से कहा, ‘राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के प्रति कांग्रेस पार्टी की कितनी नफरत है, यह उसके सोशल मीडिया पोस्ट से स्पष्ट हो गया है। ऐसी टिप्पणी करने से पहले कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि कभी विपक्षी दलों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी ‘गूंगी गुड़िया’ कहा था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपने काम से आलोचकों को गलत साबित कर दिया।

मुंडे ने दावा किया, ‘आने वाले दिनों में हमारी नेता सुनेत्रा पवार अपने काम से आलोचकों को जवाब देंगी। यही वजह है कि कांग्रेस उनसे डरती है और इसलिए पार्टी ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर यह टिप्पणी की।’

मुंडे ने वायरल वीडियो को लेकर हो रही आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ चल रहा ‘मीडिया ट्रायल’ निराशाजनक है।

मुंडे ने उस समय अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जब सरपंच संतोष देशमुख की कथित हत्या और रंगदारी मामले में उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड का नाम सामने आया था।

राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता और सुनेत्रा पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को उसके संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक पत्रकार सुनेत्रा पवार से सवाल पूछना चाहता था, लेकिन एक स्थानीय नेता ने उसे रोक दिया और सुनेत्रा पवार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

रोहित पवार ने कहा कि इंदिरा गांधी के आलोचक भी उन्हें कभी ‘गूंगी गुड़िया’ कहते थे, लेकिन उन्होंने अपने काम से उन्हें गलत साबित कर दिया।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के बारे में ऐसी टिप्पणी करने पर कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “यह राज्य की सभी ‘लाड़की बहनों’ का अपमान है। 2024 के विधानसभा चुनाव में ‘लाड़की बहनों’ ने दिखा दिया है कि वे क्या कर सकती हैं।”

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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