ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 28 सितंबर को महाराष्ट्र में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 28 सितंबर को महाराष्ट्र में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 28 सितंबर को महाराष्ट्र में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
Modified Date: September 26, 2026 / 07:44 pm IST
Published Date: September 26, 2026 7:44 pm IST

मुंबई, 26 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर 28 सितंबर को महाराष्ट्र में प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस ने कुमार पर पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने एक बयान में आरोप लगाया कि कुमार ने लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया है तथा निर्वाचन आयोग का कामकाज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

पार्टी ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान देशभर में मतदाता सूची से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिनमें महाराष्ट्र के तीन करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं।

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में 47 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे, लेकिन अब उनका कोई पता नहीं है। पार्टी ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी इसी तरह मतदाताओं के नाम हटाए गए।

विपक्षी दल ने कहा कि वह महाराष्ट्र के सभी जिलों में प्रदर्शन करेगा, जिसमें उसके कार्यकर्ता, पदाधिकारी, विधायक, सांसद और अन्य नेता शामिल होंगे।

कांग्रेस ने दावा किया कि उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बार-बार लगाए गए ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप सही साबित हुए हैं और उसने कुमार को सेवा से हटाने तथा उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की।

विपक्ष निर्वाचन आयोग के तीन-सदस्यीय पैनल के भीतर मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नाम हटाने और जोड़ने, नए मतदाताओं के लिए फॉर्म में बदलाव तथा मतदाता डेटा तक पहुंच से जुड़े विभिन्न फैसलों और निर्देशों को लेकर कथित मतभेदों की खबरों के बाद से कुमार पर निशाना साध रहा है।

वहीं, निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि एसआईआर से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


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