सोलापुर, 28 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित पुस्तक के प्रकाशक के खिलाफ शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ की कथित टिप्पणियों से उपजे विवाद को मंगलवार को “अनावश्यक” करार दिया।
पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें गायकवाड़ को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता गोविंद पानसरे की लिखी किताब ‘शिवाजी कोण होता’ का जिक्र करते और इसके प्रकाशक प्रशांत अंबी को धमकाते तथा उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है। यह किताब मूल रूप से 1988 में प्रकाशित की गई थी।
सोलापुर में संवाददाताओं से बातचीत में फडणवीस ने कहा, “यह किताब 1980 के दशक में प्रकाशित हुई थी। क्या विवाद खड़ा करने वालों ने इसे पढ़ा है? महान योद्धा (शिवाजी महाराज) का कद इतना ऊंचा है कि कोई उनका अपमान नहीं कर सकता। जो कुछ भी हो रहा है, वह असामाजिक और असंवेदनशील है।”
उन्होंने किताब पर उपजे विवाद को अनावश्यक बताते हुए केवल खबरों में बने रहने के लिए मुद्दों को सनसनीखेज बनाने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी।
आगामी विधान परिषद चुनावों के लिए भाजपा उम्मीदवारों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन पार्टी का संसदीय बोर्ड करता है, न कि वह व्यक्तिगत स्तर पर।
उन्होंने कहा, “सभी फैसले पार्टी की प्रक्रिया के अनुसार लिए जाएंगे। बातचीत जारी है। उचित विचार-विमर्श के बाद उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए जाएंगे।”
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत नौ विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 13 मई को खत्म हो रहा है। निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान 12 मई को होगा, जबकि वोटों की गिनती उसी दिन शाम को पांच बजे की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 13 मई को संपन्न होने की संभावना है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधान परिषद की नौ सीट में से चार पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
भाषा पारुल शफीक
शफीक