महाराष्ट्र की चीनी मिल को मिला पेटा का प्रमाणपत्र, गन्ने की ढुलाई में बैलों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद

Ads

महाराष्ट्र की चीनी मिल को मिला पेटा का प्रमाणपत्र, गन्ने की ढुलाई में बैलों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद

  •  
  • Publish Date - June 3, 2026 / 05:01 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 05:01 PM IST

सोलापुर, तीन जून (भाषा) महाराष्ट्र के सोलापुर जिले की एक चीनी मिल को दैनिक कामकाज में बैलों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने के लिए पशु अधिकार संगठन ‘पेटा’ से ‘100 प्रतिशत बैल-मुक्त प्रमाणपत्र’ मिला है। मिल ने गन्ने से लदी गाड़ियों को खींचने जैसे कार्यों में बैलों का उपयोग बंद कर दिया है।

पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया द्वारा सोलापुर के अचेगांव स्थित ‘जय हिंद शुगर प्राइवेट लिमिटेड’ को यह प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है।

पेटा द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ‘100 प्रतिशत बैल-मुक्त प्रमाणपत्र’ एक ऐसी पहल है जो अपने कामकाज से बैलों के श्रम को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध चीनी मिलों को सम्मान देती है।

बयान में कहा गया है कि यह शुरुआत पशु एवं मानव कल्याण संबंधी चिंताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय और भारतीय चीनी खरीदारों के बीच पशु-श्रम मुक्त और पूरी तरह से यंत्रीकृत चीनी-आपूर्ति प्रणालियों की बढ़ती मांग को दर्शाती है।

यह प्रमाणपत्र ‘पशु राहत’ के गन्ना उद्योग यंत्रीकरण परियोजना का समर्थन करता है, जो मिलों को ट्रैक्टर जैसे विकल्पों को अपनाने में मदद कर रहा है। इससे बैलों को भारी गन्ने की गाड़ियां खींचने के थकाऊ और कठिन श्रम से मुक्ति मिल रही है।

भाषा सुमित रंजन

रंजन