ठाणे, 10 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म करने और उसके गर्भवती होने के बाद उसे धमकाने के आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.जी. मोहिते ने आरोपी शुभम भगवान शिंदे की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि उसकी रिहाई से पीड़िता और उसके गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। अदालत के सात जुलाई के इस आदेश की प्रति बृहस्पतिवार को प्राप्त हुई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला और शिंदे की मुलाकात पिछले वर्ष दिसंबर में हुई थी। कुछ सप्ताह बाद शिंदे ने महिला को अपने घर बुलाया और शादी करने का झूठा वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
इसके बाद महिला गर्भवती हो गई और शिंदे के घर में रहने लगी। हालांकि, जब भी वह उससे शादी के बारे में पूछती, तो शिंदे कथित तौर पर उस पर दबाव बनाने पर आत्महत्या करने की धमकी देता था।
अतिरिक्त लोक अभियोजक मनीषा पावसे ने शिंदे की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने महिला के साथ धोखा किया और उसके गर्भवती होने के बाद उसे छोड़ दिया। महिला ने भी जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि शिंदे के परिजनों ने उसे जातिसूचक गालियां दीं और नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
शिंदे की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता यासीन नबी ने दलील दी कि यह असफल प्रेम संबंध का मामला है। उन्होंने दोनों के बीच ‘‘घनिष्ठ संबंध’’ दर्शाने के लिए कुछ तस्वीरें भी अदालत में पेश कीं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
बहरहाल, अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष आरोपपत्र की प्रति रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने में विफल रहा, जिससे उसमें मौजूद साक्ष्यों का सत्यापन नहीं किया जा सका।
तस्वीरों के संबंध में न्यायाधीश मोहिते ने कहा कि केवल तस्वीरें आरोपी के बचाव के लिए पर्याप्त नहीं हैं, क्योंकि स्वयं महिला ने भी स्वीकार किया है कि दोनों के बीच मित्रतापूर्ण संबंध थे।
अदालत ने यह भी गौर किया कि आरोपी ने अपनी जमानत याचिका और सुनवाई के दौरान महिला की गर्भावस्था के मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।
जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा, ‘‘यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि वह पीड़िता या उसके गर्भस्थ शिशु को चोट पहुंचाए या उनकी जान को खतरे में डाले। इतना ही नहीं, वह महिला पर गर्भपात कराने का दबाव भी बना सकता है।’’
भाषा गोला मनीषा
मनीषा