ठाणे, नौ जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में नगर निकाय द्वारा संचालित एक अस्पताल में दो चिकित्सकों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार शिवसेना के पार्षद को सीने में दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
हालांकि, ठाणे के जिस सरकारी अस्पताल में पार्षद रमेश म्हात्रे को भर्ती कराया गया, वहां चिकित्सकों और कर्मचारियों ने अपने दो सहकर्मियों पर हुए ‘‘अनुचित’’ हमले के विरोध में प्रदर्शन किया और उन्हें तत्काल अयोग्य ठहराने की मांग की।
म्हात्रे और उनके सहयोगियों पर ठाणे जिले के कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका (केडीएमसी) द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में एक महिला चिकित्सक समेत दो चिकित्सकों पर हमला करने का आरोप है।
सोमवार शाम को हुई यह घटना सीसीटीवी में रिकार्ड हो गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद व्यापक आक्रोश फैल गया और निंदा की गयी।
पार्षद के तीन सहयोगियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि म्हात्रे को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद म्हात्रे ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिकारी ने बताया कि एक ओर म्हात्रे का अस्पताल के आईसीयू में उपचार जारी है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सक, नर्स और प्रशासनिक कर्मचारी अस्पताल परिसर के बाहर घटना के विरोध में एकत्र हुए।
प्रदर्शनकारियों ने ‘‘चिकित्सकों पर हमले बंद करो’’ और ‘‘स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा दो’’ जैसे नारे लगाए।
उनका कहना था कि अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वाले जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
अतिरिक्त जिला सिविल सर्जन एवं वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज एस. महांगडे ने चिकित्सकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि अस्पताल पार्षद के उपचार की अपनी चिकित्सकीय जिम्मेदारी पूरी करेगा।
उन्होंने बताया कि म्हात्रे की केवल एक किडनी है और वह उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित हैं।
डॉ. धीरज ने कहा कि उन्हें उपचार दिया जा रहा है और उन्हें बृहस्पतिवार शाम या शुक्रवार सुबह तक अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘चिकित्सक होने के नाते उपचार देना हमारा कर्तव्य है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों पर हमला उचित नहीं ठहराया जा सकता।’’
चिकित्सक ने सवाल किया कि क्या कोई जनप्रतिनिधि अपने ही मतदाताओं पर किए गए ऐसे हमले को स्वीकार करेगा।
उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को कार्य के लिए सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के दिशा में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
अस्पताल के विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा सभी सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
भाषा अमित जितेंद्र
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