मुंबई, 12 जून (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को कार्यकर्ता एवं कवि वरवर राव की उस याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया, जिसमें उन्होंने बीमारी और बढ़ते खर्चों का हवाला देते हुए अदालत से अपने गृह नगर हैदराबाद स्थानांतरित होने की अनुमति मांगी है।
राव (85) एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।
उन्हें अगस्त 2018 में गिरफ़्तार किया गया था और फरवरी 2021 में उच्च न्यायालय ने उन्हें अस्थायी ज़मानत दी थी। 2022 में उच्चतम न्यायालय ने उन्हें स्थायी ज़मानत दे दी थी।
ज़मानत आदेश की शर्तों में से एक यह थी कि राव, मामले की सुनवाई कर रही मुंबई स्थित विशेष एनआईए अदालत की इजाज़त के बिना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकते।
इस साल अप्रैल में, राव ने अपने वकील आर. सत्यनारायण के ज़रिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर हैदराबाद में स्थायी रूप से स्थानांतरित होने की अनुमति मांगी।
याचिका में कहा गया कि उम्र, बीमारी और बढ़ते खर्चों के कारण राव का मुंबई में बने रहना मुश्किल हो गया है।
न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाटा की पीठ ने शुक्रवार को मामले की एनआईए को नोटिस जारी किया और याचिका पर उसका जवाब मांगा।
मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
भाषा नेत्रपाल माधव
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