इंसान मानवता को धर्म समझे तो कुछ भी गलत नहीं होगा: ‘बंटवारा 1947’ पर सनी देओल

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इंसान मानवता को धर्म समझे तो कुछ भी गलत नहीं होगा: 'बंटवारा 1947' पर सनी देओल

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 07:43 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 07:43 PM IST

मुंबई, 28 जुलाई (भाषा) बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने मंगलवार को कहा कि उनकी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ इस विचार पर आधारित है कि मानवता धार्मिक विभाजन से ऊपर है।

राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित और आमिर खान द्वारा निर्मित यह फिल्म 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

यह कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है जिनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है, क्योंकि धार्मिक हिंसा, डर और जबरदस्ती पलायन उन समुदायों को तहस-नहस कर देता है जो कभी साथ-साथ रहते थे। फिर भी, इतने बड़े नुकसान और बढ़ती दूरियों के बीच यह फिल्म उन लोगों के साहस को सामने लाती है जिन्होंने नफरत के बजाय दया और निराशा के बजाय उम्मीद को चुना।

विभाजन के वर्षों बाद भी जारी धार्मिक तनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सनी देओल ने संवाददाताओं से कहा, ‘इसका कारण यह है कि लोग अपनी साझा मानवता को भूल जाते हैं। यह तभी खत्म होगा जब हर इंसान वास्तव में समझेगा कि हम सबसे पहले इंसान हैं। मैं किसी पद में विश्वास नहीं करता, चाहे वह मंत्री हो या पुलिसकर्मी, सभी इंसान हैं। अगर इंसान यह समझ ले कि केवल एक ही धर्म है और वह है मानवता, तो कुछ भी गलत नहीं होगा।’

फिल्म के गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि पूरे समुदायों को एक ही नजरिए से देखना गलत है।

अख्तर ने कहा, ‘हर समुदाय में हर तरह के लोग होते हैं। यह कहना गलत है कि किसी खास समुदाय के लोग हमेशा एक जैसे होते हैं। हर समुदाय में कुछ ईमानदार लोग होते हैं और कुछ बुरे लोग भी, लेकिन यह सामान्य बात है।’ उन्होंने कहा कि अक्सर बुरे लोग ज्यादा नजर आते हैं, जबकि आम लोगों पर किसी का ध्यान नहीं जाता।

‘बंटवारा 1947’ दुनियाभर के सिनेमाघरों में 14 अगस्त को रिलीज होगी।

भाषा

शुभम अविनाश

अविनाश