महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने नयी एनडीपीएस अदालत की स्थापना को मंजूरी दी

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महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने नयी एनडीपीएस अदालत की स्थापना को मंजूरी दी

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 08:58 PM IST

मुंबई, 28 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए पुणे में एक विशेष अदालत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों के लिए पांच नयी विशेष अदालतों की स्थापना के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह फैसला बंबई उच्च न्यायालय की उस सिफारिश के बाद लिया गया, जिसमें पुणे में बड़ी संख्या में एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामले लंबित होने का जिक्र किया गया था।

मंत्रिमंडल ने विशेष एनडीपीएस अदालत के लिए जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का एक पद और सहायक कर्मचारियों के सात पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी। इस अदालत की स्थापना और संचालन के लिए 1.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

महाराष्ट्र में वर्तमान में एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े करीब 30,000 मामले लंबित हैं, जिनमें से 1,425 मामले केवल पुणे में हैं। नयी विशेष अदालत के लिए पुणे जिला अदालत के कोर्ट रूम नंबर-22 को आवंटित किया गया है।

मंत्रिमंडल ने सोलापुर जिले की माढा तहसील के कुर्डुवाडी में कनिष्ठ श्रेणी दीवानी अदालत और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) अदालत की स्थापना को भी मंजूरी दे दी। इस अदालत में एक न्यायिक अधिकारी और 11 नियमित सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति होगी।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि नयी अदालत बनने से कुर्डुवाडी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को दीवानी और फौजदारी मामलों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

अहिल्यानगर जिले के कर्जत में भी जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह अदालत कर्जत और जामखेड तहसील के लोगों को सेवा देगी। इसमें एक न्यायिक अधिकारी और सरकारी वकील कार्यालय के कर्मचारियों सहित 21 पद होंगे।

इस अदालत और सरकारी वकील कार्यालय की स्थापना के लिए मंत्रिमंडल ने 3.30 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड़ और यवतमाल में विशेष अदालतें स्थापित करने को भी मंजूरी दी।

प्रत्येक विशेष अदालत में एक न्यायाधीश नियुक्त किया जाएगा। इन अदालतों की स्थापना के लिए कुल 4.51 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

विज्ञप्ति के मुताबिक, महाराष्ट्र में एससी-एसटी अधिनियम के तहत फिलहाल 17,023 मामले लंबित हैं, जिनमें अहिल्यानगर में 1,014, परभणी में 526, सोलापुर में 516, नांदेड़ में 735 और यवतमाल में 723 मामले शामिल हैं।

भाषा राखी पारुल

पारुल