धार्मिक आयोजनों की आलोचना एक ‘फैशन’ बन गया है: लोढ़ा

Ads

धार्मिक आयोजनों की आलोचना एक 'फैशन' बन गया है: लोढ़ा

  •  
  • Publish Date - March 30, 2026 / 10:24 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 10:24 PM IST

मुंबई, 30 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने सोमवार को कहा कि हिंदू त्योहारों और धार्मिक आयोजनों की आलोचना करना एक “फैशन” बन गया है और जैन मंदिरों के लिए एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के उनके अनुरोध पर हुई प्रतिक्रिया इसी सोच से प्रेरित व्यापक विमर्श का हिस्सा है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के नेता लोढ़ा द्वारा मालाबार हिल स्थित 16 जैन मंदिरों को एक सामुदायिक पर्व के लिए पांच-पांच एलपीजी सिलेंडर देने की मांग को लेकर राज्य सरकार को पत्र लिखने के बाद विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों ने इसे एक विशेष धर्म के प्रति पक्षपाती रवैया बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की।

दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल से विधायक लोढ़ा ने यह मांग चैत्र माह में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम “ओली आयंबिल” के मद्देनजर की थी। उन्होंने यह अनुरोध अपने कैबिनेट सहयोगी और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रभारी छगन भुजबल को लिखे पत्र में किया।

लोढ़ा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हिंदू त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों की आलोचना करना एक ‘फैशन’ बन गया है। मेरे खिलाफ हो रही आलोचना भी उसी विमर्श का हिस्सा है।’’

कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष व्यवस्थाएं जरूरी होती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राम नवमी, साईं भंडारा (सामुदायिक रसोई) और जैन धार्मिक कार्यक्रम मेरे क्षेत्र के महत्वपूर्ण आयोजन हैं। जब गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध नहीं था, तब विशेष प्रयास करना जरूरी था।’’

भाजपा नेता ने कहा कि विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि उनसे मदद के लिए मिले थे।

उन्होंने कहा, “साईं भंडारा आयोजित करने वाले लोग और जैन समुदाय के सदस्य मेरे पास आए। क्या मुझे यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास नहीं करना चाहिए कि उन्हें गैस सिलेंडर मिलें? यदि मैं उनकी मदद करने की कोशिश करता हूं, तो इसमें गलत क्या है?”

लोढ़ा ने कहा कि वह एक विधायक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

उन्होंने कहा, “दो अप्रैल को हनुमान जयंती और 14 अप्रैल को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती है। ये महत्वपूर्ण अवसर हैं और मुझे प्रयास करने होंगे। यह एक विधायक के रूप में मेरी जिम्मेदारी है और मैं इससे पीछे नहीं हटूंगा।”

लोढ़ा ने कहा कि राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सरकार सुचारू रूप से काम कर रही है, जबकि विशेष धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान ही अतिरिक्त प्रयासों (गैस सिलेंडरों के लिए) की आवश्यकता पड़ती है।

इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने लोढ़ा के पत्र पर आपत्ति जताई और गैस आपूर्ति एजेंसियों को पत्र लिखकर पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण खाड़ी देशों से तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान के चलते आम लोगों को हो रही असुविधा का मुद्दा उठाया।

राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय के पक्ष में दबाव बनाया जा रहा है और चेतावनी दी कि यदि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भाषा

राखी धीरज

धीरज