Cotton Import Duty Exemption Latest Order || Image- deccan chronicle FILE
नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने भारतीय कपड़ा और परिधान उद्योग को बड़ी राहत दी है। (Cotton Import Duty Exemption Latest Order) सरकार ने 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक कपास के आयात पर लगने वाला 11 प्रतिशत शुल्क अस्थायी रूप से हटा दिया है। इस फैसले का टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री ने स्वागत किया है।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
इस बारें में उद्योग संगठनों का कहना है कि इस फैसले से कपास की उपलब्धता बढ़ेगी, उत्पादन लागत कम होगी और भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार में कॉम्पटीशन करने में मदद मिलेगी। खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
Now Another Big Booster For Textile Companies (Specially Spinning Co Etc)
Govt exempts all custom duties on import of cotton temporarily
– Govt exempts duties from June 1 to October 30, 2026
– Move to ensure availability of cotton for the Indian textile sector
– Move expected… https://t.co/I4Kw3pLikt pic.twitter.com/C2blk0sC3j— Sharad Dubey (@Sharad9Dubey) May 30, 2026
अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) के चेयरमैन ए सक्थिवेल ने कहा कि कपास और धागे की बढ़ती कीमतों से उद्योग पर दबाव था। आयात शुल्क हटने से कच्चे माल की लागत कम होगी और निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। (Cotton Import Duty Exemption Latest Order) उन्होंने स्पिनिंग मिलों से भी अपील की कि वे सस्ती कपास का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए धागे की कीमतों को तर्कसंगत बनाएं। इससे पूरे कपड़ा क्षेत्र में स्थिरता आएगी और निर्यात ऑर्डर हासिल करने में मदद मिलेगी।
सीआईटीआई ने कहा कि आयात शुल्क उद्योग की वृद्धि में बाधा बन रहा था। संगठन लंबे समय से इस शुल्क में राहत की मांग कर रहा था। CITI के चेयरमैन अश्विन चंद्रन ने कहा कि कपास का आयात मुख्य रूप से विशेष गुणवत्ता और निर्यात ऑर्डरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। इससे घरेलू कपास उत्पादकों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि भारत को अपने एशियाई प्रतिस्पर्धी देशों की तरह ऐसी नीति की जरूरत है, जहां उद्योग को बिना अतिरिक्त शुल्क के अंतरराष्ट्रीय कपास उपलब्ध हो सके।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
भारत का कपड़ा और परिधान क्षेत्र देश में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है और जीडीपी तथा निर्यात में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। (Cotton Import Duty Exemption Latest Order) हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कपड़ा और परिधान निर्यात 2.2 प्रतिशत घटकर 35.79 अरब डॉलर रह गया। उद्योग को उम्मीद है कि कपास आयात शुल्क हटाने के इस फैसले से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारत की वैश्विक बाजार में स्थिति और मजबूत होगी।
रक्षा सचिव ने सिंगापुर में ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ और नीदरलैंड के अधिकारियों से मुलाकात की
राबड़ी देवी ने अपना बंगला अन्य मंत्री को आवंटित किये जाने पर कहा, ‘मुझे बलपूर्वक हटाना होगा’
जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार हैं सशस्त्र बल : जनरल उपेंद्र द्विवेदी
पूरी तरह आत्मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है भारत का रक्षा क्षेत्र : राजनाथ सिंह
कोरबा में 35 लाख रूपए की लागत से साल बीज प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना