जरांगे के प्रदर्शन स्थल पर भीड़ बढ़ी, पुलिस ने ओबीसी कार्यकर्ताओं से किया दूसरी जगह जाने का आग्रह

जरांगे के प्रदर्शन स्थल पर भीड़ बढ़ी, पुलिस ने ओबीसी कार्यकर्ताओं से किया दूसरी जगह जाने का आग्रह

जरांगे के प्रदर्शन स्थल पर भीड़ बढ़ी, पुलिस ने ओबीसी कार्यकर्ताओं से किया दूसरी जगह जाने का आग्रह
Modified Date: September 6, 2026 / 09:05 pm IST
Published Date: September 6, 2026 9:05 pm IST

जालना, छह सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के जालना जिले में मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे के आंदोलन स्थल पर रविवार को बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने के बाद पुलिस ने पास में विरोध प्रदर्शन कर रहे ओबीसी कार्यकर्ताओं के एक समूह से किसी दूसरी जगह जाने का आग्रह किया।

इससे पहले दिन में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कार्यकर्ताओं ने जरांगे के प्रदर्शन स्थल से कुछ मीटर की दूरी पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।

ओबीसी कार्यकर्ताओं की हड़ताल अंतरवाली सराटी गांव में जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन के नौवें दिन शुरू हुई। बताया जा रहा है कि मराठा समुदाय को ओबीसी का दर्जा देने की मांग को लेकर जरांगे ने चिकित्सा सहायता, पानी और नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) लेने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई है।

जरांगे मराठा समुदाय को ओबीसी वर्ग में आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में हैदराबाद गजट और सतारा गजट के रिकॉर्ड लागू करना तथा पात्र मराठा समुदाय के लोगों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है।

कुनबी एक पारंपरिक कृषि समुदाय है, जिसे आधिकारिक रूप से ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया है। इसके कारण उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।

ओबीसी कार्यकर्ताओं मंगेश ससाने, विट्ठल तालेकर, सतीश कुलाल और बाबासाहेब बातुले ने अंतरवाली सराटी गांव के सोनिया नगर में भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने कहा कि उनके आंदोलन का उद्देश्य ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण की रक्षा करना है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान ससाने ने आरोप लगाया कि जरांगे आंदोलन के जरिए राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है और इससे ओबीसी समुदाय के आरक्षण पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा, “अब तक मराठा समुदाय के लोगों को करीब 22 लाख जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड हर संभव मदद कर रहे हैं। हम अपने अधिकारों और हिस्से की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से विरोध कर रहे हैं।”

ससाने ने कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर मराठाओं को जाति प्रमाणपत्र जारी करने में मदद के लिए राज्य सरकार द्वारा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के फैसले पर सवाल उठाया और इसे ‘गैरकानूनी’ बताया।

उन्होंने कहा कि पहले जारी किए गए कई मराठा जाति प्रमाणपत्र जांच के बाद जाति सत्यापन समितियों ने खारिज कर दिए थे।

ससाने ने आरोप लगाया, ‘जरांगे सवाल उठा रहे हैं कि सत्यापन समितियों ने इन प्रमाणपत्रों को क्यों खारिज किया। कुछ मंत्री मराठाओं को ओबीसी श्रेणी में शामिल कराने की साजिश कर रहे हैं।’

उन्होंने सरकार पर एक समुदाय को ‘विशेष लाभ’ देने का आरोप लगाया।

ओबीसी प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण के मुद्दे पर कथित रूप से आत्महत्या करने वाले समुदाय के युवाओं के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की भी मांग की।

जरांगे के प्रदर्शन स्थल पर भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने ओबीसी कार्यकर्ताओं से किसी दूसरी जगह जाने को कहा।

ससाने ने कहा, ‘हमने पहले भी इसी जगह पर प्रदर्शन किया था और तब कोई टकराव नहीं हुआ था। अब पुलिस ने किसी भी टकराव से बचने के लिए हमें दूसरी जगह विरोध प्रदर्शन करने को कहा है। हम नहीं हटेंगे।’

उन्होंने कहा कि वे निजी भूमि पर आंदोलन कर रहे हैं।

इससे पहले मराठा समुदाय के सदस्यों ने अंतरवाली सराटी गांव के पास सोलापुर-धुले राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने हस्तक्षेप कर यातायात बहाल करा दिया।

इस बीच, जालना की जिलाधिकारी अशिमा मित्तल ने जरांगे के प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए अंबड तहसील के अंतरवाली सराटी में सभी थोक देशी शराब और भारत में बनी विदेशी शराब की दुकानों को चार दिन के लिए बंद करने का आदेश दिया है।

जिला प्रशासन ने आशंका जताई कि शराब की दुकानों के चलते कोई अप्रिय घटना हो सकती है या सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है।

इससे पहले जरांगे ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती करेगी तो वह आंदोलन तेज करने के लिए मुंबई तक मार्च करेंगे।

दोनों प्रदर्शन स्थल पास-पास होने के मद्देनजर पुलिस ने इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि ओबीसी और मराठा प्रदर्शनकारियों के बीच किसी भी टकराव को रोका जा सके।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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