मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग से ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का अनुरोध किया है, ताकि मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) मतदाता सूची में गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकें। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर का जिक्र करते हुए बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग को 24 सितंबर को भेजे पत्र में यह अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि आयोग ने चोकलिंगम का अनुरोध स्वीकार कर लिया है।
अधिकारी के मुताबिक, “सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अक्सर आयोग को अपने सुझाव भेजते रहते हैं और इसमें कोई नयी बात नहीं है।”
उन्होंने कहा, “सॉफ्टवेयर हमेशा केंद्रीकृत होता है और वहीं से नोटिस भेजे जाते हैं। हमने अनुरोध किया था कि ईआरओ को किसी भी गड़बड़ी से जुड़े नोटिस पर फैसला लेने की शक्ति दी जाए।”
निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी है।
राज्य में 2.07 करोड़ मतदाताओं के गणना प्रपत्र या तो जमा नहीं हो पाए या फिर उन्हें अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि के तौर पर दर्ज किया गया।
अधिकारी के मुताबिक, चोकलिंगम की ओर से भेजे गए पत्र में मतदाताओं के माता-पिता के नाम या उम्र संबंधी जानकारी का मिलान न होने जैसी “तार्किक विसंगतियों” का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि जब ईआरओ जमा किए गए दस्तावेजों से संतुष्ट हों, तो उन्हें मतदाताओं को सुनवाई से छूट देने का अधिकार प्रदान किया जाए।
इस बीच, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने ईसीआईनेट प्रणाली के जरिये मतदाता की पात्रता तय करने की ईआरओ की कानूनी शक्तियों को कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा, “अगर कोई गड़बड़ी या विसंगति है, तो कौन मतदाता है और कौन नहीं, यह तय करने का कानूनी अधिकार ईआरओ के पास है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि महानिदेशक (आईटी) सीमा खन्ना और वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग समेत कई अधिकारियों की संलिप्तता से ईसीआईनेट प्रणाली के जरिये ये अधिकार वापस लिए जा रहे हैं।
ईसीआईनेट निर्वाचन आयोग का एक एकीकृत डिजिटल मंच है, जिसका मकसद चुनाव प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और पारदर्शिता एवं सुलभता बढ़ाना है।
भाषा पारुल संतोष
संतोष