युद्ध के कारण उत्पादों के विपणन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है: नायडू

युद्ध के कारण उत्पादों के विपणन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है: नायडू

युद्ध के कारण उत्पादों के विपणन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है: नायडू
Modified Date: March 16, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: March 16, 2026 8:42 pm IST

अमरावती, 16 मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को यहां कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध राज्य में बने उत्पादों के विपणन को प्रभावित कर रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन कठिनाइयों को दूर करने के लिए कदम उठा रहे हैं।

अमरावती में पोट्टी श्रीरामुलु की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि पश्चिम एशिया युद्ध का देश पर कोई प्रभाव न पड़े।

नायडू ने कहा, ‘युद्ध के कारण राज्य के विभिन्न उत्पादों के विपणन में समस्या आ रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी युद्ध के दुष्परिणामों को देश पर पड़ने से रोकने के लिए उपाय कर रहे हैं।’

टीडीपी प्रमुख ने कहा कि विकास को रुकने से बचाने के लिए एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए।

इससे पहले, नायडू ने स्वतंत्रता सेनानी पोट्टी श्रीरामुलु की 58 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया, जिन्होंने तेलुगु भाषी लोगों के लिए मद्रास से अलग राज्य की मांग करते हुए आमरण अनशन किया था।

श्रीरामुलु का आमरण अनशन 58 दिनों तक चला और 15 दिसंबर, 1952 को उनका निधन हो गया।

इस अनशन के फलस्वरूप, तेलुगु भाषी लोगों के लिए तत्कालीन मद्रास राज्य से आंध्र प्रदेश नामक एक अलग राज्य बनाया गया, जिससे अंततः भारत में अन्य भाषाई राज्यों का निर्माण हुआ।

दशकों बाद आंध्र प्रदेश को फिर से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्य में विभाजित किया गया।

भाषा

राखी नरेश

नरेश


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